राजस्थान की शिक्षण संस्थाओं में दिए गए विशेष योगदान के लिए
राजस्थान मूल के हुब्बल्ली प्रवासी बीरबल एम. विश्नोई साहू को राजस्थान सरकार की ओर से राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षण संस्थाओं के भौतिक विकास एवं अन्य संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में विशेष सहयोग को देखते हुए विश्नोई को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 1 सितम्बर को राजस्थान के उदयपुर के मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय स्थित विवेकानन्द सभागार में आयोजित किया जाएगा। विश्नोई अपने पैतृक गांव सांचौर जिले के चौरा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पिछले दस वर्ष से सहयोग कर रहे हैं। स्कूल में पिछले छह वर्ष से दसवीं एवं बारहवीं का परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा है। सत्र 2015-16 में अतिवृष्टि के दौरान विद्यालय का भवन क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय विद्यालय में तत्काल टीनशेड बनवाकर विद्यालय की कक्षाओं का सुचारू रूप से संचालन करवाने में योगदान दिया। विद्यालय में विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर आरओ प्लांट मशीन लगवाई। कोरोना काल के दौरान बारहवीं बोर्ड के सभी विद्यार्थियों के स्कूल शुल्क की व्यवस्था की। इसी साल विश्नोई ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर कक्षा-कक्ष बनवाए तथा तत्कालीन वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री सुखराम विश्नोई के हाथों लोकार्पण करवाकर विद्यालय को सुपुर्द किया। पिछले शैक्षणिक सत्र में बाहरवीं की परीक्षा में अव्वल रही होनहार छात्राओं को हवाई मार्ग से गोवा का पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण करवाया। विश्नोई राजस्थान के सांचौर जिले के चौरा गांव के मूल निवासी हैं। किसान परिवार में जन्मे विश्नोई का बचपन अभावों में बीता। विश्नोई ने स्कूल में पढ़ाई करते समय समस्याओं को नजदीक से देखा है। विश्नोई की प्राथमिक शिक्षा अपने गांव की सरकारी स्कूल में हुई। बाद में स्कूली पढ़ाई बीच में छोड़ वे 1984 में कर्नाटक के हुब्बल्ली शहर आ गए। यहां अपनी मेहनत, लगन एवं ईमानदारी से व्यवसाय को उंचाइयां दीं। अब कर्नाटक एवं गोवा के विभिन्न शहरों में उनका व्यवसाय है।