हुब्बल्ली के देशपांडे नगर स्थित गुजरात भवन में गुजरात समाज के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव महापुराण कथा महोत्सव का मंगलवार को शिव सहस्रनामावली पाठ, महायज्ञ एवं महाप्रसाद के साथ भव्य समापन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की पवित्र आहुतियों और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया।

सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना
सोमवार को कथा की पूर्णाहुति एवं विराम समारोह के बाद मंगलवार को धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला के अंतर्गत गणेश-वरुण पूजा, संकल्प, ब्रह्म स्थापना, शंकर-पार्वती स्थापना तथा नवग्रह स्थापना का आयोजन किया गया। इसके पश्चात विधिवत महायज्ञ एवं शंकर-पार्वती यज्ञ संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि एवं आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।
वैदिक विधि-विधान से यज्ञ संपन्न
यज्ञ का संचालन पंडित गणेश महाराज, पंडित सूर्यकांत, पंडित उमेश, पंडित संतोष, पंडित धरणीश एवं पंडित चिदम्बरम ने वैदिक विधि-विधान से संपन्न कराया। मुख्य यजमान के रूप में जीतेन्द्र मजेठिया एवं रमिला मजेठिया बैठे। वहीं सह-यजमान के रूप में अक्षय ठक्कर एवं काजल ठक्कर तथा दर्शन ठक्कर एवं सोनम ठक्कर ने यज्ञ में भाग लेकर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
अमृतमयी कथा का रसपान
इससे पूर्व सात दिनों तक चले कथा महोत्सव में डोंगरेजी महाराज के शिष्य एवं प्रख्यात कथावाचक दीपकभाई शास्त्री ने शिव महापुराण की अमृतमयी कथा का रसपान करवाया। कथा के माध्यम से उन्होंने भगवान शिव की महिमा, भक्ति, समर्पण, सदाचार और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों का विस्तृत वर्णन किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रतिदिन कथा श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।
महाप्रसाद वितरण के साथ महोत्सव का समापन
समापन अवसर पर गुजरात समाज के प्रमुख शैलेश पटेल, कार्यदर्शी सुनील लधड़, महोत्सव चेयरमैन गिरीश उपाध्याय सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे तथा आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। अंत में महाप्रसाद वितरण के साथ महोत्सव का समापन हुआ।