केंद्र सरकार का आम बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। बजट को लेकर देशभर के व्यापारियों में खासा उत्साह है। व्यापारिक वर्ग को उम्मीद है कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि छोटे व्यापारियों और उद्योगों को राहत देने वाला साबित होगा। […]
केंद्र सरकार का आम बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किया जाएगा। बजट को लेकर देशभर के व्यापारियों में खासा उत्साह है। व्यापारिक वर्ग को उम्मीद है कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि छोटे व्यापारियों और उद्योगों को राहत देने वाला साबित होगा। व्यापारियों को इस बजट से राहत, संरक्षण और समर्थन की उम्मीद है। उनका मानना है कि यदि सरकार छोटे व्यापार और उद्योगों को केंद्र में रखकर निर्णय लेती है, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती मिल सकेगी। व्यापारियों का कहना है कि सरकार की नीतियां समग्र रूप से सकारात्मक रही हैं, लेकिन ई-कॉमर्स और ऑनलाइन मार्केट के बढ़ते प्रभाव से पारंपरिक खुदरा एवं थोक व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
संतुलित नीति बनानी चाहिए
हुब्बल्ली के बिजनेसमैन अभिषेक मेहता ने कहा, ऑनलाइन प्लेटफॉम्र्स के कारण छोटे दुकानदार और थोक व्यापारी असमान प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है। खुदरा और थोक व्यापारी भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनके माध्यम से करोड़ों लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। सरकार को इस दिशा में गंभीरता से विचार कर संतुलित नीति बनानी चाहिए।
छोटे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन मिलें
बागलकोट जिले के इलकल में रहने वाले भरत विश्नोई लियादरा ने कहा, इस बार बजट विकासोन्मुख होना चाहिए और छोटे उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन मिलना चाहिए। यदि छोटे व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कर व्यवस्था, ऋण सुविधा और प्रोत्साहन योजनाओं की घोषणा होती है, तो इससे व्यापार जगत को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।