
(हैदराबाद): भारत का सारा विपक्ष आज जहां ममता बनर्जी के समर्थन में लामबंद नजर आ रहा है, वहीं फेडरल फ्रंट का नारा देने वाले तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। आंध्रप्रदेश के चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के एचडी कुमारस्वामी, उत्तर प्रदेश से अखिलेश यादव, बिहार से तेजस्वी यादव, महाराष्ट्र से राज ठाकरे तथा एनसीपी, दिल्ली से अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु से डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, भूतपूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा और ओडिशा से नवीन पटनायक यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी खुल कर भाजपा के विरोध में ममता के समर्थन में आ चुके हैं, लेकिन तेलंगाना के मुख्यमंत्री और टीआरएस के अध्यक्ष केसीआर की तीसरे दिन भी खामोशी नहीं टूटी है। इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें भी लगनी शुरू हो गई हैं।
गौरतलब है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर एक मुद्दत से गैर भाजपाई - गैर कांग्रेसी फेडरल फ्रंट बनाने के लिए कोशिश में लगे हैं। केसीआर इससे पहले ममता से भी दो बार मिल चुके हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में उम्मीद थी कि केसीआर ममता के पक्ष में खड़े हो सकते हैं, लेकिन टीआरएस पार्टी सूत्रों से पता चल रहा है कि केसीआर इस "झमेले" में न पड़ते हुए अपने आप को "तटस्थ" रखना चाहते हैं। इसका एक मुख्य कारण यही बताया जा रहा है कि केसीआर भाजपा के साथ सीधे टकराव से बचना चाहते हैं और ममता के पीछे खड़े रह कर कांग्रेस के प्रति नर्म रवैया जाहिर करने से भी बचना चाहते हैं। इसलिए कि तेलंगाना राज्य में मुख्यतः कांग्रेस ही उनकी प्रतिद्वंदी है। इस बात को कर्नाटक में जेडीएस के कुमारस्वामी के शपथविधि समारोह में केसीआर की गैर मौजूदगी से जोड़ कर भी देखा जा रहा है। जानकार यह भी बताते हैं कि ममता और बीजेपी के टकराव में चाहे जिस की भी जीत हो लेकिन इस में पक्ष लेकर केसीआर को कुछ भी हासिल नहीं होना है। ऐसे में प्रधानमन्त्री पद की दावेदारी में ममता ही का वजन बढ़ने जा रहा है, तो भला केसीआर को इसमें भूमिका लेकर क्या हासिल?
सीबीआई ममता विवाद पर कोर्ट ने सुनाया यह फैसला
इधर सुप्रीम कोर्ट ने आज कोलकाता में सारदा चिट फंड मामले में सीबीआई और कमिश्नर राजीव कुमार के बीच उठे विवाद पर अपना फैसला सुनाया। इस फैसले में कमिश्नर को सीबीआई के सामने पेश होने के लिए कहा गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार के खिलाफ छेडे गए आंदोलन को जारी रखने का ऐलान कर दिया है।