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तेलंगाना के सिकंदराबाद कैंटोनमेंट में बड़ी सेंध, 4 AK-47 समेत 11 हथियार चोरी; अंदर के शख्स पर शक

Secunderabad Cantonment Latest News: तेलंगाना के सिकंदराबाद कैंटोनमेंट से 4 AK-47, 6 पिस्टल और एक INSAS राइफल समेत 11 हथियार चोरी हो गए। हाई-सिक्योरिटी इलाके में हुई इस चोरी के बाद सेना और पुलिस जांच में जुटी हैं। शुरुआती जांच में अंदर के किसी व्यक्ति की भूमिका का शक है।
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Telangana Weapon Theft

सिकंदराबाद कैंटोनमेंट से 11 हथियार चोरी होने के बाद जांच में जुटी सेना और पुलिस। (फाइल फोटो-IANS)

AK-47 Theft Case:तेलंगाना के सिकंदराबाद कैंटोनमेंट से एक साथ 11 हथियार चोरी होने का मामला सामने आया है। चोरी हुए हथियारों में चार AK-47 राइफल, छह पिस्टल और एक INSAS राइफल शामिल हैं। घटना के बाद सेना और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि इस वारदात में किसी ऐसे व्यक्ति का हाथ हो सकता है, जिसे कैंटोनमेंट के अंदर की व्यवस्था और सुरक्षा के बारे में जानकारी थी।

बताया जा रहा है कि चोरी रविवार रात मद्रास रेजिमेंट के परिसर में हुई। जिस जगह से हथियार गायब हुए हैं, वह बेहद सुरक्षित इलाका है। यहां आम लोगों की आवाजाही नहीं होती और केवल सेना के जवानों और कुछ अधिकृत कर्मचारियों को ही आने-जाने की अनुमति रहती है। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में हथियारों का गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

कमरे का ताला तोड़कर चोरी

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, अज्ञात लोगों ने हथियार रखने वाले कमरे का ताला तोड़ा और अंदर घुस गए। इसके बाद वहां रखे हथियार लेकर फरार हो गए। हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि चोर हथियारों को कैंटोनमेंट से बाहर किस तरह ले गए।

हथियारों के गायब होने की जानकारी मिलने के बाद सेना ने संबंधित इलाके को सील कर दिया। मौके पर जांच शुरू की गई और इसके बाद बोलाराम पुलिस स्टेशन में चोरी का मामला दर्ज कराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मलकाजगिरी पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारी भी जांच में जुट गए हैं।

CCTV फुटेज से तलाश

सेना और पुलिस की टीमें अब कैंटोनमेंट में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। जांच में उन सुरक्षाकर्मियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है, जिनकी हाल के दिनों में हथियार रखने वाले कमरे तक पहुंच थी।

अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना के समय इलाके में कौन-कौन मौजूद था और उससे पहले वहां किसकी आवाजाही हुई थी। सुरक्षा ड्यूटी, प्रवेश रिकॉर्ड और हथियारों वाले हिस्से तक पहुंच रखने वाले लोगों की जानकारी भी जांची जा रही है।

अंदर के व्यक्ति पर क्यों शक?

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर है। जिस इलाके में बाहरी लोगों की पहुंच बेहद सीमित है, वहां से एक साथ इतने हथियार गायब होने के बाद जांच एजेंसियां अंदर के लोगों की भूमिका को भी देख रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस हिस्से में सेना के जवानों के अलावा कुछ आउटसोर्स कर्मचारियों की भी सीमित आवाजाही होती है। सुरक्षा के लिए जवान अलग-अलग शिफ्ट में तैनात रहते हैं। इसलिए पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी के समय कौन ड्यूटी पर था और हथियारों वाले कमरे तक किस-किस व्यक्ति की पहुंच थी।

फिलहाल सेना और पुलिस मिलकर चोरी हुए हथियारों का पता लगाने में जुटी हैं। साथ ही यह जानने की कोशिश की जा रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद हथियार कमरे से बाहर कैसे निकाले गए और सुरक्षा व्यवस्था को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।