
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी (फाइल फोटो-IANS)
AIMIM News: यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) और हिजाब विवाद को लेकर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार और अदालत के फैसले पर करारा हमला बोला है। हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने उत्तराखंड, असम और गुजरात में लागू किए जा रहे यूसीसी पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के हिजाब से जुड़े हालिया फैसले पर भी अपनी सख्त नाराजगी जताई।
ओवैसी ने साफ कहा कि हर चीज में एकरूपता ले आना ही बराबरी नहीं होता। उनका आरोप है कि यूसीसी की आड़ में मुस्लिम समुदाय के निजी और धार्मिक मामलों में बेवजह दखलअंदाजी की जा रही है।
प्रयागराज की एक स्कूली छात्रा की उस याचिका को खारिज करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर ओवैसी काफी बिफरे, जिसमें उसने यूनिफॉर्म के साथ हिजाब पहनने की इजाजत मांगी थी।
ओवैसी ने कहा कि किसी भी कोर्ट को यह तय करने का हक नहीं है कि इस्लाम के अंदर क्या चीज अनिवार्य है और क्या नहीं। इसी दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लड़कियां हिजाब अपने सिर पर पहनती हैं, अपने दिमाग पर नहीं। उन्होंने इसे संविधान के अनुच्छेद 19 और 25 का उल्लंघन बताते हुए धार्मिक आजादी पर चोट करार दिया।
उत्तराखंड, असम और गुजरात में यूसीसी लागू करने की कवायद पर ओवैसी ने कहा कि जब शादी, तलाक और जायदाद से जुड़े नियम पहले से चले आ रहे हिंदू कानूनों पर ही आधारित हैं, तो फिर इसे 'यूनिफॉर्म' सिविल कोड कैसे कहा जा सकता है? उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय कुरान और सुन्नत की हिदायतों के मुताबिक ही अपने धर्म का पालन करता रहेगा और किसी दबाव में अपनी मान्यताओं से पीछे नहीं हटेगा।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों का जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि एनकाउंटर, बुलडोजर या सरकारी सख्ती से किसी की आस्था या धर्म को मिटाया नहीं जा सकता।
उन्होंने आजादी की लड़ाई में मौलवी अलाउद्दीन और तुर्रेबाज खान जैसे मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों के कुर्बानियों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी में हर वर्ग का खून-पसीना शामिल रहा है। ओवैसी ने दोहराया कि देश के मुसलमान अपने धर्म पर कायम रहते हुए भारत को महाशक्ति बनाने और इसकी प्रगति में अपना पूरा योगदान देते रहेंगे।
देश प्रेम और अधिकार पर बोलते हुए ओवैसी ने कहा कि भारतीय मुसलमान अपने देश से सच्चा प्यार करते हैं और इसकी तरक्की में हमेशा साथ देंगे। साथ ही, उन्होंने संविधान से मिले अपने अधिकारों को बचाने की बात भी कही। उनके इस बयान के बाद UCC (समान नागरिक संहिता) और हिजाब के मुद्दे पर राजनीति एक बार फिर तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस पर और नेताओं के बयान आ सकते हैं।
Updated on:
26 Aug 2026, 10:56 AM IST
Published on:
26 Aug 2026, 10:56 AM IST
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