सूरत हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए चल रहे 16 शैक्षणिक संस्थानों को सील कर दिया।
इंदौर. सूरत हादसे के बाद छात्रों की सुरक्षा नियमों की अनदेखी करते हुए चल रहे 16 शैक्षणिक संस्थानों को नगर निगम ने रविवार को सील कर दिया। इसके पहले 38 संस्थानों की सूची निगम ने तैयार करते हुए शनिवार को इन्हें 24 घंटे में अपने संस्थान बंद करने को कहा था, लेकिन संस्थानों ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद रविवार को नगर निगम ने कार्रवाई शुरू की।
नगर निगम ने रविवार दोपहर में कार्रवाई शुरू की। इस दौरान 3 स्कूलों सहित 13 कोचिंग क्लासेस पर निगम के विभिन्न जोनल कार्यालयों की टीमें रिमूवल दस्ते और भवन अनुज्ञा शाखा के अफसरों के साथ मौके पर पहुंचीं। रविवार होने से अधिकांश संस्थान बंद थे, इसके चलते अफसरों ने उनके गेट और शटर पर अपना ताला लगाकर उन्हें सील किया।
इन संस्थानों को किया सील
- पेस एडवांस प्रायवेट लिमिटेड 402 बी ब्लॉक आरएनटी मार्ग सिल्वर मॉल
- अग्रवाल प्रोफेशनल एकेडमी 303 ब्लॉक बी आनएनटी मार्ग सिल्वर मॉल
- ब्रिटिश इंस्टीट्यूट आफ इंग्लिश कोचिंग कालानी नगर
- देवी अहिल्या कम्प्यूटर एज्यूकेशन 621/1 कालानी नगर
- एबिलिटी स्लो लर्निंग क्लासेस आनंद बाजार
- दिव्या कॉन्वेंट हाई सेकेंडरी स्कूल स्कीम नंबर 78 अरण्य
- दि प्रायमरी स्टेप्स पब्लिक स्कूल स्कीम नंबर 78 अरण्य
- कोठारी कोचिंग इंस्टीट्यूट पीवाय रोड बाटा शोरूम के ऊपर
- नालंदा कोचिंग क्लासेस एंड लाइब्रेरी विष्णुपुरी मेन
- नवजीवन हायर सेकंडरी स्कूल मेघदूत नगर
- फोकस क्लासेस शिव शक्ति नगर
- कौटिल्य एकेडमी राधास्वामी नगर चितावद रोड
- श्रोत्रिय इंस्टिट्यूट ऑफ कॉमर्स मैनेजमेंट सदर बाजार
- जील कम्प्यूटर एकेडमी सिल्वर मॉल आरएनटी मार्ग
- आईआईटी कोचिंग संस्थान विद्यापति भवन रेस कोर्स रोड
- कौटिल्य एकेडमी, 7 व्यंकटेशनगर
नहीं थे सुरक्षा संसाधन
जिन शैक्षणिक संस्थानों को निगम ने सील किया, इनमें कई संस्थान एक ही बिल्डिंग में या फिर ऐसी बिल्डिंगों में चल रहे थे, जहां अन्य दफ्तर भी हैं जिनमें निकासी के लिए एक ही रास्ता है, वह भी काफी संकरा। आनंद बाजार की बिल्डिंग जेमिनी टॉवर, 621/1 कालानीनगर ऐसी ही बिल्डिंग हैं।
इन बिल्डिंग में अन्य व्यापारिक गतिविधियां भी चलती रहती हैं। इन बिल्डिंगों के कुछ हिस्से किराए पर लेकर ये संस्थान चल रहे हैं। वहीं कई संस्थान तो ऐसे भी है जिनकी भवन अनुमति आवासीय मकान की थी, लेकिन उसमें ये गतिविधियां चल रही थी। इनमें चल रहे संस्थानों में हर समय 100 से ज्यादा बच्चे हर समय मौजूद रहते हैं।
नहीं पहुंच सकते संसाधन
सील किए गए संस्थानों में तीन स्कूल भी शामिल हैं। इनमें से 78 अरण्य के दिव्या कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी, प्री प्रायमरी स्टेट्स पब्लिक स्कूल तो महज 12 फीट चौड़ी गलियों में चल रहे थे। आपातकालीन परिस्थिति में स्कूल तक सुरक्षा संसाधन नहीं पहुंच सकते। मेघदूत नगर के नवजीवन स्कूल में भी यही हालत है। यहां सुरक्षा वाहन जाने के बाद घूम भी नहीं सकते।
भूमि विकास नियम के तहत की कार्रवाई
निगम ने मप्र भूमि विकास नियम की धारा 84, 85, 86 में भवन की सुरक्षा एवं अग्निशमन व्यवस्थाओं के पालन नहीं करने पर एवं नेशनल बिल्डिंग कोड के भाग 4 में भवन की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए संस्था के संचालन के दौरान कोई अग्नि दुर्घटना घटित होने पर जान-माल के नुकसान की संभावना को देखते हुए ये कार्रवाई की है।
- जिन संस्थानों में छात्रों के जीवन को लेकर खतरा था और उनमें सुरक्षा संसाधनों का पालन नहीं हो सकता था उन्हें हमने सील किया है। इन सभी को पहले ही नोटिस जारी कर दिए गए थे।
आशीष सिंह, निगमायुक्त