इंदौर

205 किलोमीटर नई रेल लाइन, टनल बनते ही कम हो जाएगी इंदौर की दूरी

यात्रियों को अभी तक इंदौर जाने के लिए काफी परेशान होना पड़ता था, कई जगह बसें बदलते थे, तब कहीं जाकर वे शहर पहुंच पाते थे, उन्हें अब इस नई रेल लाइन के तैयार होते ही रोज-रोज की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी.

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Sep 23, 2022
205 किलोमीटर नई रेल लाइन, टनल बनते ही कम हो जाएगी इंदौर की दूरी

इंदौर. डेली अपडाउन करने वाले यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे जल्द ही एक बड़ी सौगात देने जा रहा है, जिन यात्रियों को अभी तक इंदौर जाने के लिए काफी परेशान होना पड़ता था, कई जगह बसें बदलते थे, तब कहीं जाकर वे शहर पहुंच पाते थे, उन्हें अब इस नई रेल लाइन के तैयार होते ही रोज-रोज की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी, उन्हें किराए में तो बचत होगी ही सही, साथ ही समय भी बचेगा, क्योंकि रेल मार्ग से यात्रा करने पर इंदौर की दूरी भी कम हो जाएगी।

जानकारी के अनुसार इंदौर से दाहोद करीब 204.76 किलोमीटर नई रेल लाइन प्रोजेक्ट पर फिर से काम शुरू हो गया है, अब जल्द से जल्द काम पूरा कर लाइन शुरू करने की तैयारी हो गई है, चूंकि ये काम बीच में कोरोना के कारण अटक गया था, फिर बारिश के कारण भी काम को गति नहीं मिल पाई, लेकिन अब सारे समस्याएं दूर होकर काम को गति मिल चुकी है, अब जल्द ही प्रदेशवासियों को इस नई रेल लाइन की सौगात मिलेगी।

इस काम के लिए हुए 522 करोड़ के टेंडर
बताया जा रहा है कि काफी हिस्से में पटरी बिछ चुकी है, अब अर्थवर्क, टनल, पटरी बिछाने और बिजली लाइन के लिए करीब 522 करोड़ के टेंडर हुए थे, लेकिन बारिश के कारण काम शुरू नहीं हो पाया था, अब फिर से इस काम को शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत टनल भी बनेगी। रेलवे बोर्ड का इंदौर से धार तक 2024 तक काम पूरा करने का टारगेट है। बजट आने से 522 करोड़ के टेंडर भी जारी हो गए हैं। अब धार से गुणावद तक 17 किमी में बचा काम भी जल्द ही पूरा किया जा सकेगा।

ये होगा फायदा
दाहोद-इंदौर व्याहा सरदारपुर, झाबुआ और धार नई रेल लाइन बिछने से धार, सरदारपुर, झाबुआ के यात्रियों की काफी परेशानी बच जाएगी, फिलहाल यहां रेल लाइन नहीं होने के कारण उन्हें बस या अन्य माध्यमों से यात्रा करना पड़ती है। लेकिन जैसे ही नई रेल लाइन तैयार होगी, वैसे ही उन्हें यात्रा करने में काफी कम परेशानी होगी, चूंकि मध्यप्रदेश में अधिकतर उद्योग धंधे इंदौर से जुड़े हैं, इंदौर से ही लोग थोक में माल खरीदते हैं, इस कारण उन्हें आए दिन इंदौर आवाजाही करनी पड़ती है, वर्तमान में रेल लाइन नहीं होने के कारण उन्हें बसों के माध्यम से आवाजाही करने में किराया भी अधिक देना पड़ता है और आनेजाने में समय भी अधिक लगता है, लेकिन रेल लाइन तैयार होने के बाद उनका समय भी बचेगा और पैसे भी कम लगेंगे, क्योंकि बसों की अपेक्षा ट्रेनों का किराया सामान्यत: कम ही होता है।

Published on:
23 Sept 2022 12:53 pm
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