
High Blood Pressure (Photo Source: AI Image)
High Blood Pressure: सुबह से देर रात तक भागदौड़, मोबाइल और लैपटॉप पर घंटों काम, तनाव, जंक फूड और नींद की कमी अब लोगों के दिल और दिमाग पर भारी पड़ रही है। हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन तेजी से युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। स्वास्थ्य विभाग के स्क्रीनिंग अभियान में इंदौर में जांच कराए गए लोगों में हर आठवां व्यक्ति उच्च रक्तचाप से पीड़ित मिला है। विशेषज्ञ इसे 'साइलेंट किलर' बता रहे हैं, क्योंकि लंबे समय तक इसके लक्षण नजर नहीं आते।
देशभर में भी स्थिति चिंताजनक बन रही है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार, देश में पुरुषों में 24.1 प्रतिशत और महिलाओं में 21.2 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन से प्रभावित हैं। शहरी क्षेत्रों में यह दर 25 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
केस-1: विजय नगर में रहने वाले 34 वर्षीय आनंद
शुक्ला निजी कंपनी कर्मचारी हैं और रोज 10-12 घंटे लैपटॉप पर काम करते हैं। लगातार तनाव, बाहर का भोजन और कम नींद के कारण अचानक चक्कर और सिरदर्द शुरू हुआ। जांच में ब्लड प्रेशर 170/110 निकला। अब वे इलाज ले रहे हैं। वे अब योग और वर्कआउट के साथ खानपान पर भी ध्यान दे रहे हैं।
केस-2 : एक 42 वर्षीय कारोबारी भरत गर्ग लंबे समय से धूम्रपान और अनियमित दिनचर्या के कारण थकान महसूस कर रहे थे। नियमित जांच नहीं कराई। अचानक सीने में दर्द के बाद अस्पताल पहुंचे, जहां उच्च रक्तचाप के साथ हृदय संबंधी समस्या सामने आई। हाल ही में निजी अस्पताल में उनका इलाज किया गया है। उन्होंने धूम्रपान को त्याग दिया और अपने रुटीन में बदलाव किया है।
इंदौर स्क्रीनिंग रिपोर्ट
कुल जांच : 12.86 लाख
स्क्रीनिंग : 7.40 लाख
हाइपरटेंशन मरीज : 98,268
डायबिटीज मरीज : 62,735
हर 100 में 13 लोग प्रभावित (स्रोतः स्वास्थ्य विभाग इंदौर)
भारत में स्थिति
कुल औसत प्रसार : 22.6%
पुरुषों में : 24.1%
महिलाओं में : 21.2%
शहरी आबादी में : 25%
स्रोत : राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5)
मार्च तक जिले में 12 लाख 86 हजार 777 लोगों की जांच की गई। इनमें 7 लाख 40 हजार लोगों की स्क्रीनिंग हुई और 98 हजार 268 लोगों में हाइपरटेंशन की पुष्टि हुई। वहीं 62 हजार 735 लोग मधुमेह से पीड़ित पाए गए। एमवाय अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में रोज आने वाले मरीजों में 14 से 15 प्रतिशत मरीज उच्च रक्तचाप के मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इंदौर जैसे तेजी से विकसित होते शहरों में काम का दबाव, देर रात तक जागना, फास्ट फूड और शारीरिक श्रम कम होना बड़ी वजह बन रहा है। निजी अस्पतालों और सरकारी ओपीडी में अब 30 से 40 वर्ष आयु वर्ग के मरीज तेजी से बढ़े हैं।
तेज सिरदर्द या सिर में भारीपन
चक्कर आना, सांस फूलना
सांस लेने में कठिनाई
सीने में दर्द या धड़कन का तेज होना
धुंधला दिखाई देना
नाक से खून आना
अधिक थकान या बेचैनी
-जरूरत से ज्यादा नमक न लें।
-लगातार कई घंटे बैठे न रहें।
-बिना डॉक्टर सलाह दवा बंद न करें।
-तनाव और गुस्से को नजरअंदाज न करें।
-देर रात तक मोबाइल स्क्रीन न देखें।
डॉ. अशोक ठाकुर, मेडिसिन विभाग, एमवाय अस्पताल का कहना है कि अब युवा वर्ग में भी उच्च रक्तचाप तेजी से बढ़ रहा है। समय पर जांच, नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और तनाव नियंत्रण से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी रोग जैसी गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। ज्यादा फास्ट फूड खाने बचें और धूम्रपान से भी दूरी बनाएं। रोज कम से कम 10 मिनट वॉक जरूर करें या 30 मिनट योगा के लिए समय निकालें।
Published on:
17 May 2026 12:23 pm
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