
मध्यप्रदेश में चार प्रमुख शहरों में मेट्रोपॉलिटन रीजन बनाने की कवायद चल रही है। इसमें प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर भी शामिल है। इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (आइएमआर) को लेकर आइडीए को नोडल एजेंसी बनाया गया है। कुल 26 विभाग मिलकर इसका खाका तैयार करेंगे। इंदौर मेट्रोपोलिटन रीजन को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है जिसके अंतर्गत सन 2051 को ध्यान में रखते हुए नए महानगर को आकार दिया जाएगा।
इंदौर मेट्रोपोलिटन रीजन के लिए 26 विभागों से माइक्रो इन्फॉर्मेशन मांगी गई है। इसके आधार पर कंसल्टेंट कंपनी रीजन का खाका तैयार करेगी। हालांकि बताया जा रहा है कि डाटा जुटाने में विभागों के पसीने छूट रहे हैं।
इंदौर, उज्जैन, देवास और धार जिले को मिलाकर वर्ष 2051 के हिसाब से 6631.4 वर्ग किमी एरिया में रीजनल डेवलपमेंट प्लान तैयार किया जा रहा है। प्लान को लेकर आइडीए नोडल एजेंसी है। कंसल्टेंट कंपनी मेहता एंड एसोसिएट 15 एक्सपर्ट की मदद से प्लान तैयार करेगी। आइडीए सीईओ रामप्रसाद अहिरवार ने सभी विभागों को सात दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। सोमवार को जानकारी देने पर पूछताछ की जाएगी।
इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन के रूप में इंदौर सहित चारों जिलों के समग्र विकास की योजना बनाई गई है। इंदौर के 29 गांवों के साथ ही उज्जैन, धार और देवास के कई गांवों को भी इंदौर मेट्रोपालिटन रीजन में शामिल किया गया है। प्रस्तावित इंदौर महानगर में धार जिले के औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर को भी शामिल किया गया है।