Indore News : जिला प्रशासन ने आंध्र प्रदेश घटना के बाद लिया एक्शन। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मैदान में उतरकर अलग-अलग दूध डेयरी से 12 सैंपल कलेक्ट किए हैं।
Indore News : आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में मिलावटी दूध पीने से हुई 16 लोगों की मौतों ने जहां एक तरफ देशभर को झकझोर कर रख दिया है तो वहीं इस भयावह घटना के बाद मध्य प्रदेश भी अलर्ट मोड पर आ गया है। इसकी ताजा तस्वीर आर्थिक नगरी इंदौर से सामने आई है। घटना को गंभीरता से लेते हुए इंदौर प्रशासन के आदेश पर खाद्य विभाग की टीम मैदान में उतर आई है। बताया जा रहा है कि, सोमवार सुबह से ही शहर की दूध डेयरियों पर छापामार कार्रवाई की जा चुकी है। सभी जगहों से दूध के सैंपल इकत्रित किए जा रहे हैं।
आंध्र प्रदेश की घटना के बाद इंदौर में मिलावटी दूध के खिलाफ प्रशासन ने शहरभर में कड़ा अभियान शुरू किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सोमवार को कनाडिया इलाके में विशेष जांच अभियान के तहत सघन निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने कनाडिया रोड और आसपास के इलाके में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान जोशी दूध दही भंडार, ओसवाल डेरी, गणेश दूध दही भंडार और पूजा डेरी सहित कई डेयरी प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण किया गया।
अभियान के पहले ही दिन खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जोशी दूध दही भंडार से 4, ओसवाल डेरी से 3, गणेश दूध दही भंडार से 3 और पूजा डेयरी से दूध और मावा के 2 नमूने लिए। इस तरह कुल 12 सैंपल जांच के लिए जब्त किए गए हैं। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डेयरी संचालकों को साफ-सफाई रखने, मिलावट नहीं करने और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी भी दी। टीम ने साफ कहा कि, लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
खाद्य विभाग ने बताया कि, सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी नमूने में मिलावट या मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि, मिलावटी दूध और नकली दुग्ध उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डेयरी संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्हें साफ-सफाई बनाए रखने, दूध के भंडारण और वितरण में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या मिलावट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि, ये अभियान आगामी दिनों में भी जारी रहेगा और शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह की सघन जांच की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है, साथ ही मिलावटखोरों पर प्रभावी अंकुश लगाना है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि, वे संदिग्ध खाद्य पदार्थों की जानकारी विभाग को जरूर दें।