Toll Plaza: सामान्य तौर पर हर लेन में एक कैबिन होता है, जिसमें टोलकर्मी बैठते हैं। अब इसे बदलकर बैरियर फ्री बनाया जा रहा है। ऊपर गेंट्री बन रही, जिसमें कैमरे और सेंसर होंगे।
Toll Plaza: सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा बनाए जा रहे हाइवे पर आधुनिक सुविधाएं दी जा रही हैं। नए बन रहे हाइवे के टोल भी नए कलेवर में नजर आएंगे। हाल ही में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे हाइवे के सूरत में बैरियर फ्री टोल लगाए गए है। इसी की तर्ज पर इंदौर-खंडवा और हरदा हाइवे के टोल भी बन रहे हैं। हरदा हाइवे पर खुड़ैल और खंडवा के बड़वाह के पास टोल का स्वरूप बदला नजर आएगा। नए टोल पहले के मुकाबले छोटे बनाए जा रहे हैं।
सामान्य तौर पर हर लेन में एक कैबिन होता है, जिसमें टोलकर्मी बैठते हैं। अब इसे बदलकर बैरियर फ्री बनाया जा रहा है। ऊपर गेंट्री बन रही, जिसमें कैमरे और सेंसर होंगे। जब बैरियर फ्री करना होगा तक इसके गेट और कैबिन हटा दिए जाएंगे। शुरुआत में बैरियर और कैबिन होंगे।
बैरियर फ्री करने के लिए खास बदलाव नहीं करना पड़ेगा जबकि मौजूदा टोल पूरी तरह से बदले जाएंगे। एनएचएआइ के प्रोजेक्टर डायरेक्टर प्रवीण यादव ने बताया, हरदा हाइवे पर नए टोल बनाए जा रहे हैं जो अलग है। कम जगह में निर्माण से वाहनों को निकलने में आसानी होगी। इतना ही नहीं बैरियर फ्री योजना को भी इस टोल से आसानी से क्रियान्वित किया जा सकेगा।
टोल पर लोहे के एंगल से फुटओवर ब्रिज बनाया है, जो सभी लेन को कवर करेगा। इसी पर कैमरे और सेंसर लगेंगे। फास्टैग के जरिए पैसा कट जाएगा और ऑटोमेटिक गेट खुलेगा। जरूरत पडऩे पर फुट ओवरब्रिज से कर्मचारी किसी भी लेन में आ-जा सकेंगे।
खंडवा और हरदा टोल पर अभी सामान्य व्यवस्था होगी, लेकिन बैरियर फ्री होते ही कर्मचारी और कैबिन हटा लिए जाएंगे और गेंट्री पर आधुनिक कैमरे और सेंसर लगेंगे। सेंसर और कैमरे से नंबर प्लेट स्कैन करने के बाद फास्ट टैग से टोल कट जाएगा। पूरी व्यवस्था परिवहन विभाग के वाहन पोर्टल से जुड़ी रहेगी। अगर फास्टैग नहीं या बैलेंस नहीं है तो ऐसी स्थिति में संबंधित आरटीओ को सूचना पहुंचेगी। वाहन मालिक को फिर टोल जमा करना होगा। अगर नहीं किया तो आरटीओ में वाहन ब्लॉक हो जाएगा और वाहन संबंधित कोई काम नहीं हो सकेगा।