इंदौर

भोजशाला पर हाईकोर्ट में सुनवाई को लेकर ट्विस्ट! अब चीफ जस्टिस तय करेंगे कौन करेगा सुनवाई….

Bhojshala Dispute: धार की भोजशाला को लेकर कानूनी जंग ने नया मोड़ ले लिया है। इंदौर हाईकोर्ट ने मामला चीफ जस्टिस को सौंप दिया है, जो तय करेंगे सुनवाई की पीठ।

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Feb 17, 2026
Bhojshala Dispute (फोटो- Patrika.com)

MP News:इंदौर हाईकोर्ट में धार के विवादित भोजशाला मामले (Bhojshala Dispute) में सोमवार को फिर सुनवाई हुई। युगलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते इस याचिका को आवश्यक निर्देश के लिए मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के पास भेज दिया है। अब इस पर 18 फरवरी को सुनवाई होगी।

वकीलों के काम से विरत रहने के बीच भोजशाला को लेकर चल रही चार याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इस दौरान कोई वकील कोर्ट में पेश नहीं हुआ, लेकिन याचिका दायरकर्ता हिंदू फ्रंट ऑफ जस्टिस के आशीष गोयल और मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसायटी अध्यक्ष अब्दुल समद खान हाजिर थे। उन्होंने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी।

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हाईकोर्ट का निर्देश: तीन हफ्ते में सुनवाई, ASI रिपोर्ट सार्वजनिक

इसमें निर्देश हैं कि हिंदू फ्रंट ऑफ जस्टिस की हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में लंबित याचिका को तीन सप्ताह के भीतर युगलपीठ के समक्ष सुना जाए। यथासंभव यह पीठ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस या वरिष्ठतम न्यायाधीश की अध्यक्षता में गठित की जाए। साथ ही निर्देश दिया गया है कि ऑर्किलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआइ) की सीलबंद रिपोर्ट को खुली अदालत में खोला जाए और उसकी प्रतियां दोनों पक्षों को उपलब्ध कराई जाएं। यदि रिपोर्ट का कोई हिस्सा कॉपी न हो तो संबंधित पक्षों को विशेषज्ञों और उनके वकीलों की मौजूदगी में निरीक्षण की अनुमति दी जाए।

सुझाव-आपत्तियों के लिए दिया दो सप्ताह का समय

कोर्ट ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद पक्षकारों को दो सप्ताह का समय दिया जाए ताकि वे आपत्तियां. सुझाव या सिफारिशें प्रस्तुत कर सकें। इसके बाद डिवीजन बेंच अंतिम सुनवाई करेगी। एएसआइ के 7 अप्रैल 2003 के आदेश को लेकर हाईकोर्ट में लंबित अपील को भी इनके साथ सुना जाए। हाईकोर्ट ने सोमवार को जो ऑर्डर जारी किया है, उसमें लिखा है कि. चूंकि इन केसों की सुनवाई चीफ जस्टिस या वरिष्ठतम जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ को करना है। ऐसे में इस याचिका को चीफ जस्टिस को भेजा जाए ताकि इन मामलों की सुनवाई के लिए जरूरी आदेश जारी हो सकें।

पेश होना है एएसआइ की रिपोर्ट

भोजशाला सरस्वती मंदिर है या कमाल मौला मस्जिद, इसके लिए कोर्ट के निर्देश पर एएसआइ ने सर्वे किया था। इसकी सर्वे रिपोर्ट एएसआइ ने बंद लिफाफे में हाईकोर्ट में पेश कर दी है, जिसे खोला जाना है। सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए निर्देश दिए हैं। सोमवार को इस रिपोर्ट के खुलने की संभावना थी लेकिन अब बुधवार को सुनवाई होगी। (MP News)

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Published on:
17 Feb 2026 05:33 am
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