इंदौर

इंदौर में बड़ी कंपनी की एंट्री, 1000 करोड़ का निवेश, 12 हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार

MP News: अरविंद मिल और नॉइज जैसी बड़ी कंपनी की एंट्री हो गई है जिन्हें 30-30 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई।इन दोनों कंपनियों में एक हजार करोड़ से अधिक का निवेश आ रहा है तो इंदौर के साथ उज्जैन व देवास के 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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Jul 16, 2025
Arvind Mill and Noise company in Indore
अरविंद मिल व नॉइज जैसी बड़ी कंपनियों को 30-30 एकड़ जमीन (फोटो सोर्स : पत्रिका)

MP News: कपड़ा कारोबार में इंदौर एक बार फिर अपनी पुरानी पहचान बनाने का प्रयास कर रहा है। कॉटन की मिल तो शुरू नहीं हो सकती है, लेकिन रेडीमेड गारमेंट पर फोकस हो रहा है। इसके चलते इंदौर बायपास पर अहिल्या गारमेंट सिटी तैयार हो रही है। इसमें अरविंद मिल और नॉइज जैसी बड़ी कंपनी की एंट्री हो गई है जिन्हें 30-30 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई।इन दोनों कंपनियों में एक हजार करोड़ से अधिक का निवेश आ रहा है तो इंदौर के साथ उज्जैन व देवास के 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।

इंदौर की पहचान कॉटन मिल

पांच दशक पहले इंदौर(MP News) की पहचान कॉटन मिल से होती थी। वहां पर काम करने को सरकारी नौकरी से अच्छा माना जाता था। बात यहीं तक सीमित नहीं थी। देश-दुनिया में कॉटन का रेट इंदौर के सेठ हुकमचंद खोलते थे। मिलों के बंद होने से यह वैभव खत्म हो गया, लेकिन सरकार एक बार फिर इंदौर में कपड़ा कारोबार को आगे बढ़ा रही है।

अहिल्या गारमेंट सिटी

एमपीआइडीसी इंदौर बायपास के शिप्रा के पास बूढ़ी बरलाई में अहिल्या गारमेंट सिटी तैयार कर रहा है, जिसमें रेडीमेड गारमेंट कंपनियों को जगह के साथ सारी सुविधाएं दी जा रही हैं। इसे देख विश्वस्तरीय ब्रांड नॉइज और अरविंद मिल ने आने की इच्छा जताई थी। आखिर में दोनों कंपनियों को 30-30 एकड़ जमीन आवंटित कर दी गई है। दोनों कंपनी रेडीमेड कपड़े तैयार करेंगी।

90 एकड़ में विकसित की जाएगी सिटी

एमपीआइडीसी पहले चरण में 90 एकड़ जमीन पर सिटी बनाएंगी। 60 एकड़ जमीन दोनों कंपनियों को दे दी है तो बची जमीन पर छोटी औद्योगिक इकाइयों को जगह दी जाएगी। इसके अलावा भविष्य में एमपीआइडीसी योजना का विस्तार भी कर सकती है।

बांग्लादेश से शिफ्ट हो रही है कंपनी

नॉइज कंपनी की यूनिट बांग्लादेश में है, जिसकी सप्लाय पूरी दुनिया में है। राजनीतिक अस्थिरता के बाद मप्र सरकार के ऑफर पर कंपनी ने इंदौर में अपनी यूनिट डालने का फैसला किया जो सरकार के लिए बड़ी उपलिब्ध है।

सुपर कॉरिडोर फॉर्मूले पर किया जा रहा काम

सरकार ने सुपर कॉरिडोर पर टीसीएस और इंफोसिस जैसी आइटी कंपनी को बड़ी जगह दी थी। इसके बाद इंदौर में कई बड़ी कंपनियों का पदार्पण हो गया। इसी रणनीति के हिसाब से अहिल्या गारमेंट सिटी में अरविंद मिल व नॉइज को जगह दी है। दोनों बड़े ब्रांड के आने के बाद दूसरी कंपनियों के इंदौर आने का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

1000 करोड़ का निवेश व 12 हजार को रोजगार

इन दोनों कंपनियों में एक हजार करोड़ से अधिक का निवेश आ रहा है तो इंदौर के साथ उज्जैन व देवास के 12 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। कंपनियां यूनिट तैयार करने में करोड़ों का निवेश करेंगी तो सिटी में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, रेस्टोरेंट, क्लब हाउस, एडवेंचर पार्क, पार्किंग, फूड जोन, बिजली सब स्टेशन, डब्ल्यूटीपी व एसटीपी प्लांट व पुलिस चौकी, फायर ब्रिगेड व हॉस्पिटल बनाने का प्रावधान है।

पीएम मित्रा पार्क में 300 प्लॉट बुक

बदनावर के पास भैंसोला में 881.34 हेक्टेयर (2176 एकड़) जमीन पर विकसित हो रहे प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पार्क (पीएम मित्रा) में 300 से अधिक प्लॉटों की बुकिंग हो गई है, जिसमें कई विख्यात कपड़ा कंपनियां शामिल हैं। उसमें 100 से 300 एकड़ जमीन लेने वाली भी कंपनी है। इंदौर रीजन में 50 हजार प्रत्यक्ष व एक लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

Updated on:
17 Jul 2025 08:17 am
Published on:
16 Jul 2025 10:08 am