Indore Fire Tragedy: हादसे के बाद जन्मे कई सवालों के जवाबों पर पूर्णविराम लगाएगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट, करंट से नहीं हुई किसी की मौत, बहू के गर्भवती नहीं होने की बात भी सामने आई।
Indore Fire Tragedy: इंदौर के ब्रजेश्वरी एनएक्स में पुगलिया परिवार के घर हुए भीषण अग्निकांड में विरोधाभास की गुत्थी अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट खोल सकती है। बताया जा रहा है कि परिवार के सदस्यों की जान करंट फैलने से नहीं बल्कि घुटन और धमाके के साथ लगी आग में झुलसने से गई है। हालांकि पुलिस अधिकारी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की कर रहे हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है।
कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय व उनकी पत्नी सुमन, बेटी रुचिका जैन, कार्तिक, राशि, तनय की मौत हुई थी। रिपोर्ट में 6 सदस्यों की झुलसने से तो 2 की घुटन से मौत की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार कारोबारी की बहू सिमरन प्रेग्नेंट नहीं थी, वहीं घर में रखे सिलेंडर के ब्लास्ट में सबसे पहले तनय चपेट में आया था। जांचकर्ता अधिकारी ने सर्चिंग के दौरान तनय के शरीर को कुछ हिस्से बरामद किए थे।
शनिवार को मृतक मनोज पुगलिया के बेटे सोमिल और हर्षित अपने मित्रों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और
साक्ष्य जुटाने में व्यस्त रहे। घर में लगा डीवीआर पूरी तरह जल चुका है। परिजनों ने सीसीटीवी एक्सपर्ट को बुलाकर डेटा रिकवर करने के प्रयास शुरू किए हैं। सोमिल और उनके साथी आसपास के रहवासियों से चर्चा कर हादसे के समय के मोबाइल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज मांग रहे हैं। टूटे हुए दरवाजों और खिड़कियों को फिलहाल प्लास्टिक शीट से कवर किया गया है ताकि साक्ष्य सुरक्षित रहें।
घटनास्थल पर जब 'पत्रिका' की टीम पहुंची तो सोमिल पुगलिया भावुक नजर आए। उन्होंने कहा "अभी हम खुद तह तक जाने की कोशिश कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले हैं, लेकिन हमें मीडिया पर पूरा भरोसा है। समय आने पर हम सबके सामने खुलकर पूरी बात रखेंगे कि आखिर उस रात असल में क्या हुआ था।"
अब जांच का अगला चरण उन सरकारी विभागों पर केंद्रित होगा, जो हादसे के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे थे। रेस्क्यू टीम, फायर ब्रिगेड और बिजली कंपनी के उन अधिकारियों के बयान दर्ज होंगे, जिन्होंने सबसे पहले आग और उसके स्रोत को देखा था। हालांकि, अभी परिजन के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। मनोज पुगलिया की पत्नी सुनीता, बेटे सौरभ और छोटे भाई के बयान शेष हैं, जो जांच की दिशा तय करने में अहम होंगे।
मामले में हर पहलू से साक्ष्य जुटाए गए हैं। जप्त सामग्री की एफएसएल रिपोर्ट और संबंधित विभागों के अधिकारियों के बयानों के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। हमने शुरुआती वीडियो साक्ष्य के आधार पर परिवार की सामग्री उन्हें सौंप दी है, लेकिन केस की दिशा तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगी।- अमरेंद्र सिंह, एडिशनल डीसीपी, जोन-2