इंदौर

BJP: गुटों में बंटी भाजपा, अपने आकाओं की ही बात मानते हैं पदाधिकारी!

MP News: भाजपा ने आजीवन सहयोग निधि इकट्ठा करने का अभियान चलाया, लेकिन निर्धारित समय तक आधी राशि भी जमा नहीं हो पाई।

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Mar 14, 2026
BJP Divided into Factions in indore (फोटो- ANI)

MP News: लगातार सत्ता में रहने वाली भाजपा (BJP) इंदौर शहर में गुटों में बंटी और बिखरी हुई नजर आ रही है। कार्यक्रमों में पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने की सीख दी जाती है, लेकिन इसका असर नजर नहीं आ रहा। हाल ही के आयोजनों में यह गुटबाजी उभरकर सामने आई है।

भाजपा ने आजीवन सहयोग निधि इकट्ठा करने का अभियान चलाया, लेकिन निर्धारित समय तक आधी राशि भी जमा नहीं हो पाई। कोर कमेटी की बैठक में इस पर चिंता भी जताई। दरअसल, शहर भाजपा में संगठन का महत्व नजर नहीं आ रहा है, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अपने नेताओं के लिए ही काम कर रहे है। शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कार्यकारिणी घोषित की तभी से संगठन की मजबूती नहीं दिख रही है।

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स्थानीय दो मंत्री… संगठन में ज्यादा हस्तक्षेप नहीं

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मुख्यमंत्री से पटरी नहीं बैठने की चर्चा रहती है। भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में कैलाश आए लेकिन सीएम के आने से पहले निकल गए। तुलसी सिलावट गुट के नेता शहर में पदाधिकारी हैं, लेकिन उनका ज्यादा सहयोग संगठन को नहीं रहता। संगठन का हस्तक्षेप विधानसभा क्षेत्र 4 व 5 में बहुत कम है। कैलाश गुट संघ पर बनी फिल्म 'शतक' दिखाने ले जाता है तो अन्य गुट गायब रहते हैं। विधायक मालिनी गौड़ का गुट केरला 2 से अपनी अलग ताकत दिखा रहा है।

अपने गुट को वरिष्ठ से मिलवाने का आरोप

शहर भाजपा दो गुट में बंट गई है। एक गुट पूर्व अध्यक्ष गौरव रणदिवे तो दूसरा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा का है। साथ होने का दावा किया जाता है लेकिन आयोजनों में दूरी साफ नजर आती है। प्रशिक्षण वर्ग में रणदिवे रहे, लेकिन उनके गुट के नेता नदारद थे। भाजपा संगठन में आरोप है कि जब भी कोई वरिष्ठ नेता व मंत्री आते हैं तो दूसरे गुट के पदाधिकारियों को महत्व नहीं दिया जाता, अपने नजदीकियों को ही अध्यक्ष मिलवाते हैं। पिछले बैठकों में इस तरह के आरोप लगे तो दूसरों को भी आगे लाने का दिखावा हुआ। प्रशिक्षण वर्ग में भी ऐसा देखने को मिला। शहर अध्यक्ष के नजदीकियों के पास जिम्मेदारी थी जिसके कारण दूसरा गुट दूर रहा।

सभी गुट शहर अध्यक्ष को अपना नेता नहीं मानते

शहर अध्यक्ष को सभी गुट अपना नेता नहीं मानते, जिससे संगठन के आयोजनों में भाजपा बंटी नजर आती है। आरोप लग रहे हैं कि शहर अध्यक्ष ने अपना गुट बना लिया है। उनके साथ ऐसे लोग हैं, जो पहली बार पदाधिकारी बने। अनुभवी अध्यक्ष को महत्व नहीं दे रहे। संगठन के आयोजनों में अध्यक्ष के नजदीकियों के पास प्रभार होने से दूसरे गुट दूर हो रहे। आजीवन सहयोग निधि में 15 मार्च तक साढ़े 5 करोड़ रुपए जमा करने हैं। (MP News)

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Published on:
14 Mar 2026 09:26 am
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