
इंदौर। विकास यात्रा लेकर गांव पहुंचे सांवेर विधायक राजेश सोनकर को भाजपाइयों ने ही आईना दिखा दिया। चार साल पुराने वादे याद दिलाए तो विधायक के साथ गए समर्थकों ने जमकर कटाक्ष कर दिए। इस पर बात हाथापाई तक पहुंच गई, जिसके चलते विधायक ने यात्रा खत्म कर दी। बात यहीं तक सीमित नहीं रही बल्कि गांव के बाहर सहभोज रखा गया था, वहां भी जमकर बवाल हुआ।
प्रदेश भाजपा ने विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी विधायकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में विकास यात्रा निकाले व सरकार के काम जनता के सामने रखने के साथ ही विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमि पूजन करें। इसके चलते सांवेर विधायक राजेश सोनकर भी अपने क्षेत्र में घूम रहे हैं।
कल शाम को सोनकर टीम लेकर नागपुर पहुंचे, जहांं ग्रामीण इकट्ठा हुए। चर्चा के दौरान पूर्व सरपंच मुरली पटेल ने गांव से तुलाई केंद्र हटाए जाने पर नाराजगी जाहिर की। कहना था कि १४ गांव का अनाज तुलाई सेंटर था, जिसे आपने २० किलोमीटर दूर कुड़ाना में शिफ्ट कर दिया। वर्षो से जो तौलकांटा चल रहा था, जो गांव वालों को सुविधा थी, वह भी छीन ली गई, ये हमारे साथ अन्याय है।
उन्होंने मांग की कि तौलकांटा वापस लगवाया जाना चाहिए। इस पर लीलाधर मंडलोई, राजेंद्र पटेल, महेश पटेल, प्रभूलाल बनासिया और बलराम पटेल सहित अन्य ग्रामीणों ने सड़क को लेकर सवाल खड़े कर दिए। कहना था कि साढ़े चार साल हो गए हैं लेकिन अब तक सड़क का पता नहीं है।
आपसे कितनी बार गुहार कर चुके हैं, तीन बोरिंग का भी वादा किया था, जो पूरा नहीं हुआ तो कहां की विकास यात्रा निकाल रहे हो। ये सुनकर विधायक सोनकर के साथ पहुंचे अजनोद के सरपंच किशोर डांगर तेश में आ गए। चर्चा में अपशब्दों का प्रयोग होते ही दोनों गुटों में हाथापाई शुरू हो गई।
कुछ वरिष्ठ भाजपाइयों ने दोनों को अलग किया। वहीं, सोनकर और उनकी टीम को भोजन के लिए आमंत्रित किया, काफिला भोजन करने पहुंचा। वहां, अजनोद सरपंच के समर्थक देख लेने की बात कर रहे थे। ये सुनकर फिर बवाल शुरू हो गया। अब बात दो गांव के बीच की हो गई, जिस पर नागपुर वालों ने अजनोद के भाजपाइयों की पिटाई कर दी। विवाद को देखते हुए विधायक सोनकर मौके से रवाना हो गए।
नाकाम आप, काम नहीं करते... आरोप हम पर
तौलकांटे को लेकर जब बहस चल रही थी, तब विधायक सोनकर ने कहा कि मुझे मालूम है कि तुम जानबूझकर विवाद कर रहे हो। यह सुनकर पूर्व सरपंच पटेल भड़क गए। उनका कहना था कि आप १७ हजार वोटों से चुनाव हमारे जैसे लोगों की वजह से ही जीते हो।
सुबह ७ बजे बूथ संभाला था, घर की रोटी खाकर लोगों के दरवाजे जाकर वोटर निकाले थे, इसका आप ये सिला दे रहे हो। खुद की नाकामी का हम पर आरोप लगा रहे हो। आप खुद हमको और गांव वालों को काम बता दो, जो आपने किए हैं। आप तौलकांटा क्यों लेकर गए? आप आते नहीं हैं और जनता हमसे सवाल करती है।