
इंदौर. भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और इंदौर तीन से विधायक आकाश विजयवर्गीय को जमानत मिलने के बाद समर्थकों ने फायरिंग की थी। फायरिंग के मामले में कार्रवाई में करते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। इस मामले की जानकारी देते हुए एसएचओ सुबोध क्षत्रिय ने बताया कि एक वायरल वीडियो की जांच करते हुए यह पाया गया है कि इंदौर के भाजपा कार्यालय के बाहर विधायक (आकाश विजयवर्गीय) की रिहाई के जश्न के दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने 4-5 गोलियां चलाई थीं। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
युवक ने छिपाया था नाम
फायरिंग करने वाले युवक का नाम सिद्धार्थ शर्मा बताया जा रहा है। कल तक युवक अपना नाम कृपाल सिंह बता रहा था। युवक ने कहा कि वह मूलतः गुना का रहने वाला है और आमतौर पर नशे में ही रहता है। इसका कहना है मैं तो वहां बुलेट सुधरवाने गया था। वहां लोग इकट्ठा थे तो पहुंच गया। बन्दूक का लाइसेंस मयूरेश गर्ग के नाम पर है। पास में आकाश विजयवर्गीय का कार्यालय है इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। साथ ही आकाश विजयवर्गीय जी से मेरा कोई व्यक्तिगत संबंध नहीं है।
जमानत के बाद हुई थी फायरिंग
आकाश विजयवर्गीय को भोपाल की विशेष अदालत से शनिवार को जमानत मिली थी। जमानत की खबर मिलते ही बीजेपी विधायक आकाश विजयवर्गीय के समर्थकों ने इंदौर बीजेपी ऑफिस के बाहर जश्न मनाया था। इस दौरान उनके समर्थकों ने हर्ष फायरिंग भी की थी। इसके अलावा आकाश विजयवर्गीय के समर्थकों ने आतिशबाजी और नारेबाजी भी की गई थी। शनिवार को भोपाल की विशेष अदालत ने 20-20 हजार के मुचलके पर आकाश विजयवर्गीय को जमानत दी थी।
26 जून को हुए थे गिरफ्तार
इंदौर नगर निगम ( Municipal Corporation ) के अधिकारी को क्रिकेट बैट से पीटने पर 26 जून के उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।