
इंदौर। जो हो गया सो हो गया... हमको पार्टी की तरफ देखते हुए काम करना चाहिए। पार्टी जीतेगी तो हम जीतेंगे और वह हारती है तो हम हारेंगे। अब भाजपा की पगड़ी तु्हारे चरणों में है। इतना सुनने के बावजूद गुस्साए नेताओं ने पगड़ी पर लात मार दी। आखिर में दिग्गजों को बेरंग लौटकर जाना पड़ा।
ये वाकया कल वार्ड-75 को लेकर पालदा में बंद कमरे में हुई बैठक में हुआ। यहां भाजपा ने बसंत पारगी को टिकट दिया है, जिसके विरोध में दिनेश मल्हार, वायडी शर्मा और मोहन पटेल ने मोर्चा खोल रखा है। वार्ड में पारगी का जमकर विरोध किया जा रहा है। इस पर नाराज नेताओं को मनाने के लिए प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष जीतू जिराती, नगर भाजपा अध्यक्ष गौरव रणदिवे, मंत्री तुलसीराम सिलावट, आईडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा, सावन सोनकर और मधु वर्मा पहुंचे थे।
चर्चा के दौरान पारगी को भी बुलाने की बात कही गई तो नाराज नेताओं ने स्पष्ट कर दिया कि वह और उसके परिवार से कोई भी नहीं आएगा। बाद में चर्चा का दौर शुरू हुआ। सभी ने एक सुर में समझाने का प्रयास किया कि टिकट वितरण के पहले खुद आपस में प्रतियोगिता होती है, लेकिन जब टिकट हो जाता है तो हम सबको मिलकर पार्टी की चिंता करना चाहिए। जब संगठन का परचम नहीं फहराएगा तो हमारा वजूद भी कैसे रहेगा।
जो हो गया सो हो गया, अब हमको सारे गिलेशिकवे भुलाकर काम पर लग जाना चाहिए। आप पार्षद प्रत्याशी को मत देखो, संगठन की तरफ देखो। हमारा प्रत्याशी कमल का फूल मान कर काम करो। महापौर को चुनाव जिताने के लिए काम करो। जब किसी ने भी एक नहीं सुनी तो वरिष्ठ नेता बोलकर गए कि जब संगठन का मान- सम्मान ही नहीं कर रहे हैं तो ठीक है।
वो हारेगा, आप बंद करो मेहनत
इस पर मल्हार और शर्मा ने साफ कर दिया कि हम किसी भी कीमत पर उसका काम नहीं करेंगे। वह तो चुनाव हार गया, आप भी मेहनत करना बंद कर दो। इतना सुनने के बाद भी सभी नेताओं ने धीरज नहीं खोया। कहना था कि हमने तो तु्म्हारे कहने पर टिकट बदल भी दिया था, लेकिन तकनीकी समस्या आ गई थी। पार्टी उस पर किसी भी स्थिति में समझौता नहीं करेगी। इस पर भी शर्मा तर्क देने लगे। सारी बातों को खत्म करके जिराती बोले भाजपा की पगड़ी आपके चरणों में रखता हूं। जो हुआ, उसे भूलो और काम पर लगो। सिलावट बोले भाई तुम लोग बोलो तो हाथ-पैर जोड़ लें। मल्हार व शर्मा ने साफ बोल दिया कि आप कुछ भी कर लो, हम मदद नहीं करेंगे। वह शत-प्रतिशत हार रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष के खास
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को वायडी शर्मा ने जमकर खरी-खोटी सुनाई जो कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा के खास हैं। उन्होंने साफ-साफ बोला कि पार्टी चुनाव हार रही है। मेहनत करने की कोई जरूरत नहीं है।
पटवारी की पत्नी बांधती है पारगी को राखी
दिनेश मल्हार की नाराजगी के कई और कारण भी सामने आ रहे हैं। बसंत पारगी से उनकी पटरी पहले से
नहीं बैठती है। उसके अलावा वार्ड-75 में कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी की प्रतिष्ठा और भविष्य के
समीकरण दांव पर लगे हैं। यहां से वह जीतते हैं तो उनकी विधानसभा मजबूत हो जाएगी। चौंकाने वाली बात तो ये है कि जीतू पटवारी की पत्नी मल्हार को राखी बांधती है। दोनों परिवारों के बीच में राखी-डोरे के रिश्ते हैं। ये बात भाजपा के नेताओं तक भी पहुंची।
वार्ड-80 के भी यही हाल
यहां बागी होकर चुनाव लड़ रहे हेमंत तिवारी के समर्थन में अधिकतर कार्यकर्ता काम पर लगे हुए हैं। कल
वरिष्ठों की टोली ने यहां भी बैठक ली,जिसमें निर्भयसिंह पटेल, अतुल पारोलकर, गौतम शर्मा और योगेश
टोलिया शामिल हुए थे। जैसे ही स्वागत के लिए बुलाया ये तीनों उठकर चल दिए। कुछ समय बाद में वे बागी के जनसंपर्क में नजर आए। संगठन को चुनौती देते हुए बकायदा सोशल मीडिया पर उन्होंने फोटो भी जारी किए। यहां सभी को मनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।