
mp news:मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बायपास उम्रदराज हो चुका है। सड़क कमजोर होने की शुरुआत हो चुकी है और ब्रिज इंजीनियरिंग में बदलाव आ रहा है। ऐेसे में एनएचएआइ शहर के लिए महत्वपूर्ण 32 किमी के बायपास का री-डेवलपमेंट करेगा। करीब 250 करोड़ में (जियो ग्रिड) फायबर की जाली डालकर दो लेयर डामरीकरण किया जाएगा। नई लाइट लगाने के साथ सुरक्षा के नए संसाधन भी नजर आएंगे।
करीब 25 साल पहले पीडब्ल्यूडी ने 4 लेन बायपास बनाया था। 14 साल पहले एनएचएआइ ने इसे 6 लेन किया था। अब सड़क कमजोर होने लगी है। ब्रिजों के उतार-चढ़ाव पर जर्क (वाहनों को धक्का लगना) जैसी स्थिति बन रही है। सड़क के अधिकांश हिस्से में अंधेरा रहता है। ब्रिज के बोगदे भी छोटे हैं। इन सभी कमियों को दूर करते हुए बायपास का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
पिछले दिनों इंदौर आए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बायपास के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव भेजने के निर्देश एनएचएआइ के अधिकारियों को दिए थे। प्रारंभिक लागत करीब 250 करोड़ आंकी गई है। इससे पहले ब्रिज के जर्क को सही करने का काम शुरू कर दिया गया है।
एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुमेश बांझल ने बताया, मांगलिया से राऊ तक की 32 किमी सीमेंटेड सड़क के ऊपर जियो ग्रिड लगाकर दो लेयर डामर की सड़क बनाई जाएगी। बिचौली हप्सी, बिचौली मर्दाना और कनाड़िया ब्रिज के बोगदों को भी बड़ा करने की कवायद की जाएगी। पूरे बायपास पर लाइट लगाएंगे। केट आइ, डेलीनेटर जैसे सड़क सुरक्षा प्रबंध भी होंगे। हाई मास्ट भी लगाए जा सकते हैं।