Cervical Cancer Vaccine : 9 से 14 साल की लड़कियों को ह्यूमन पैपीलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीनेशन के लिए ड्राइव चलाई जाएगी। अंतरिम बजट पेश करते समय केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लिए यह एलान किया था।
डॉक्टरों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को होने वाला दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। आइसीएमआर की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में सर्वाइकल कैंसर के चार हजार से अधिक नए मामले सामने आए है। सही आयु में इस वैक्सीन लगने से जानलेवा कैंसर से 98 फीसदी तक बचाव की संभावना रहती है।
इसके कारण:
कमजोर इम्यूनिटी, एचआईवी संक्रमण, मल्टीपल सेक्सुअल पार्टनर, जेनिटल हाइजीन की कमी, स्मोकिंग
किस आयु में कितनी कारगर है वैक्सीन
-14 साल तक की लड़कियों के लिए वैक्सीन की एक डोज की जरूरत होती है।
-15 से अधिक आयु में वैक्सीन की 2 से 3 डोज लेनी होती है।
-रिसर्च के अनुसार 26 साल तक यह वैक्सीन ज्यादा कारगर होती है।
बचाव के लिए नियमित जांच जरूरी
एम्स के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय हल्दर के अनुसार यह एक अच्छी पहल है। महिलाओं को इस वैक्सीनेशन की मदद से गंभीर बीमारी से बचाने में मदद मिलेगी। प्री-कैंसरस स्टेज जानकारी मिल जाए तो इसे इलाज के जरिए ठीक किया जा सकता है। इसके लिए नियमित जांच जरूरी होती है। बता दें, सर्वाइकल कैंसर के ज्यादातर मामलों में एचपीवी वायरस ही कारण के रूप में सामने आता है। निजी संस्थानों में यह वैक्सीन पहले से मौजूद है। जो दो से चार हजार रुपए की पड़ती है।