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महू में संदिग्ध बम मिलने से मचा हड़कंप, बॉम्ब स्क्वाड ने संभाला मोर्चा

Suspicious Bomb : सफाई के दौरान नाले में ये संदिग्ध बम मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। बम निरोधक दस्ते ने रेस्क्यू कर जांच के लिए आर्मी रेंज पहुंचाया। मोतीमहल इलाके में 6 महीने में दूसरी बार विस्फोटक जैसा सामान मिला है।

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Suspicious Bomb

महू में संदिग्ध बम मिलने से मचा हड़कंप (Photo Source- Input)

Suspicious Bomb :मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के अंतर्गत आने वाले डॉ. आंबेडकर नगर (महू) शहर के मोतीमहल चौराहे के पास नाले की सफाई के दौरान संदिग्ध बम जैसी वस्तु मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा और क्षेत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया। प्रारंभिक जांच में वस्तु के सेना से जुड़े पुराने विस्फोटक अवशेष होने की आशंका जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार छावनी परिषद के सफाईकर्मी मोतीमहल क्षेत्र से गुजरने वाले नाले की सफाई कर रहे थे। इसी दौरान मलबे के बीच लोहे की बेलनाकार भारी वस्तु दिखाई दी। वस्तु का आकार संदिग्ध लगने पर कर्मचारियों ने तत्काल सफाई कार्य रोक दिया और अधिकारियों के साथ महू कोतवाली पुलिस को सूचना दी।

इंदौर से पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने संभाला मोर्चा

सूचना के बाद पुलिस ने एहतियातन आसपास के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही सीमित कर दी। मौके पर भीड़ जमा होने लगी, जिसके चलते सुरक्षा घेरा बनाकर लोगों को दूर किया गया। करीब डेढ़ बजे इंदौर से बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। विशेषज्ञों ने संदिग्ध वस्तु की जांच कर उसे सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया। बाद में उसे निष्क्रिय करने के लिए आर्मी रेंज भेजा गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि संदिग्ध विस्फोटक नाले तक कैसे पहुंचा।

एक साल में तीसरी बार मिला संदिग्ध बम

मोतीमहल क्षेत्र में इस तरह की घटना कोई पहली बार नहीं है। पिछले वर्ष अगस्त में भी इसी नाले की सफाई के दौरान बम जैसी वस्तु मिली थी। इसके अलावा 25 अप्रैल को पीठ रोड स्थित मुक्तिधाम मार्ग पर भी संदिग्ध बम मिलने से हडक़ंप मच गया था। हालांकि बाद की जांच में वह डेड शैल निकला था, जिसमें विस्फोटक सामग्री नहीं थी।

कबाड़ के जरिए शहर तक पहुंच रहे विस्फोटक अवशेष!

स्थानीय लोगों का कहना है कि आर्मी रेंज क्षेत्र से कबाड़ बीनने वाले लोग खाली बम के खोल और धातु सामग्री उठाकर भंगार में बेच देते हैं। इन खोलों में तांबा और पीतल जैसी धातुएं होने के कारण उन्हें कबाड़ के रूप में बेचा जाता है। आशंका जताई जा रही है कि इसी लापरवाही के कारण विस्फोटक अवशेष शहर के भीतर पहुंच रहे हैं, जो भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।

हेमा रेंज हादसे के बाद और बढ़ी चिंता

पिछले माह हेमा रेंज के पास शांतिधाम कॉलोनी में हुए विस्फोट में दो युवक घायल हो गए थे। उस समय भी पुलिस ने आशंका जताई थी कि फायरिंग रेंज से कोई विस्फोटक वस्तु बाहर लाई गई होगी। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने आर्मी रेंज से निकलने वाले कबाड़ और विस्फोटक अवशेषों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि रेंज क्षेत्र में सख्त निगरानी बढ़ाई जाए और विस्फोटक सामग्री के अवशेषों के सुरक्षित निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।