वल्र्ड बिजनेस काउंसिल ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट की रिपोर्ट के बाद प्रशासन व अटल इंदौर सिटी बस कंपनी लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) ने लोक परिवहन को इंटीग्रेटेड करने के साथ ही टिकट व्यवस्था को भी आसान करने के लिए कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए दिल्ली की मेट्रो ट्रेन की तर्ज पर स्मार्ट कार्ड लाने की योजना है।
एआईसीटीएसएल ने सुधार के लिए जो टेंडर जारी किए हैं, उसमें टिकट के सरलीकरण का भी बिंदु है। सीईओ संदीप सोनी के मुताबिक, जिस तरह से दिल्ली में स्मार्ट कार्ड दिखाने पर ही प्लेटफॉर्म और ट्रेन का गेट खुलता है, उसी तरह से बसों को लेकर भी व्यवस्था होगी। सबसे पहले बस स्टॉप ठीक किए जाएंगे, फिर वहां पर गेट लगेंगे। यात्री के पास स्मार्ट कार्ड होगा, तभी वह गेट खोलकर भीतर जा सकेगा। अगले महीने इसका ठेका दे दिया जाएगा।
अभी सभी बस व स्टॉप पर कर्मचारी नियुक्त हैं, जो टिकट जारी करते हैं। वेंडिंग मशीन अथवा एटीएम मशीन की तर्ज पर ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन की तैयारी है। इसके लिए एक कार्ड जारी होगा। जहां से यात्रा करना है और जहां पहुंचना है, दोनों जगह मशीन होगी। इसमें शुल्क आपके कार्ड से कट जाएगा।
स्मार्ट कार्ड या ई टिकट की व्यवस्था जल्द लागू होगी। इसके तहत कंपनी की किसी भी सेवा का इस्तेमाल करना है तो उसके लिए टिकट अलग-अलग नहीं होंगे। यात्री को एक ही टिकट दिया जाएगा, जिसे दिखाकर वह अलग-अलग बस अथवा आई-राइड की सवारी कर सकता है। ई-टिकट के लिए भी ऐसा विकल्प खुला रहेगा।