14 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्या संसद में अलग बैठ सकता है काकोली घोष के नेतृत्व में TMC के बागी सांसद? नियमों का हवाला देते हुए अभिषेक मनु सिंघवी ने क्या कहा

Bengal Politics: काकोली गुट के सांसदों को लेकर कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कानून में अलग समूह जैसी कोई व्यवस्था नहीं है और ऐसे सांसद सीधे दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता का सामना कर सकते हैं।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashib Khan

Jun 14, 2026

Bengal politics

काकोली गुट को लेकर अभिषेक मनु सिंघवी ने दी प्रतिक्रिया (Photo-IANS)

TMC crisis: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के 19 सांसद बागी हो गए है। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर सदन में अलग से बैठने की अनुमति देने की मांग की है। इस गुट का नेतृत्व सांसद काकोली घोष कर रही है। इस पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि काकोली गुट यह कह रहा है कि हम किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं करेंगे, बल्कि अलग बैठेंगे। जबकि कानून के तहत दो शर्तें हैं—पहली, किसी राजनीतिक दल का दूसरे राजनीतिक दल में विलय होना चाहिए और दूसरी, विधायी दल (लेजिस्लेचर पार्टी) के कम से कम दो-तिहाई सदस्य सामूहिक और संयुक्त रूप से उस विलय का समर्थन करें।

स्पीकर कर सकता है अयोग्य घोषित

उन्होंने आगे कहा कि इसके विपरीत, ये सांसद सीधे तौर पर दलबदल विरोधी कानून (एंटी-डिफेक्शन लॉ) के दायरे में आते हैं। स्पीकर उन्हें पांच मिनट में अयोग्य घोषित कर सकते हैं और करना भी चाहिए, क्योंकि वे स्वयं कह रहे हैं कि हम किसी पार्टी में विलय नहीं कर रहे, बल्कि एक अलग समूह हैं। अलग समूह (सेपरेट ग्रुप) जैसी कोई अवधारणा कानून में है ही नहीं। ऐसा कुछ नहीं होता।

TMC के नेताओं को धमकाया जा रहा- सौगत रॉय

इसी बीच टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि यह बीजेपी के लगातार चल रहे ऑपरेशन लोटस का हिस्सा है। उन्होंने टीएमसी के लोगों को लालच दिया और धमकाया। जो लोग कमजोर हैं, जिनके पास सिद्धांत नहीं हैं या जिनकी विचारधारा मजबूत नहीं है, वे पार्टी छोड़कर चले गए हैं। भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ बीजेपी के 'ऑपरेशन लोटस' को कुछ हद तक सफलता मिली है।

उन्होंने कहा कि बागी सांसदों में पार्टी और उसकी विचारधारा के प्रति विश्वास की कमी है, इसलिए वे जा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि बीजेपी उन्हें अपने दल में शामिल करेगी या नहीं। अभी तक इस बारे में कोई फैसला नहीं हुआ है। वे फिलहाल अलग गुट के रूप में बैठने की बात कर रहे हैं।

ममता से बागी हुए 19 सांसद

बता दें कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी संकट से गुजर रही है। पार्टी के 19 सांसदों ने पार्टी से बगावत कर दी है। बताया जा रहा है कि ये सांसद सदन में एनडीए का साथ देंगे। इन सांसदों के नाम की लिस्ट भी सामने आई है। जिसमें सायोनी घोष से लेकर युसुफ पठान का नाम शामिल हैं।

बड़ी खबरें

View All

राष्ट्रीय

ट्रेंडिंग