इंदौर

ई-रिक्शा के रूट तय करेंगे कलेक्टर, एमपी में लागू होगा इंदौर मॉडल

E-rickshaws: प्रदेश कीसड़कों पर ई-रिक्शा के कारण लगने वाले जाम और अव्यवस्था को खत्म करने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया है....
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Jul 10, 2026
E-rickshaws: प्रदेश में लागू होगा इंदौर मॉडल (Photo Source - Patrika)
E-rickshaws: प्रदेश में लागू होगा इंदौर मॉडल (Photo Source - Patrika)

E-rickshaws in indore: मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बिना परमिट संचालन की छूट मिलने के कारण बढ़ती ई-रिक्शों की अव्यवस्था पर अब प्रदेश सरकार सख्ती की तैयारी में है। परिवहन विभाग ने नई नीति का ड्राफ्ट तैयार कर शासन को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद प्रदेशभर में इंदौर मॉडल लागू किया जाएगा।

इसके तहत जिला कलेक्टर को ई-रिक्शों के संचालन, रूट निर्धारण और जरूरत के अनुसार उनकी संख्या तय करने के अधिकार दिए जाएंगे। केंद्रीय मोटरयान अधिनियम के तहत ईरि क्शा संचालन के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं होती। इसी वजह से इनके लिए निर्धारित रूट भी नहीं हैं।

बनाई जाएगी संचालन व्यवस्था

इसका असर यह हुआ कि कई शहरों में ई-रिक्शा मनमाने तरीके से चल रहे हैं और प्रमुख चौराहों व व्यस्त मार्गों पर यातायात बाधित कर रहे हैं। इंदौर में पहले रूट तय करने की पहल की गई थी, लेकिन उसका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो सका। विभाग के अनुसार नई नीति में परमिट जैसी शर्तों के अनुरूप संचालन व्यवस्था बनाई जाएगी। प्रत्येक शहर में यह तय किया जाएगा कि किस क्षेत्र में कितने ई-रिक्शा संचालित होंगे और कौन-से रूट पर उनका संचालन होगा।

जरूरत पडऩे पर इंदौर की तर्ज पर कलर कोडिंग व्यवस्था भी लागू की जा सकती है ताकि अलग-अलग रूट के ई-रिक्शों की आसानी से पहचान हो सके और यातायात व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके। इस बीच जबलपुर हाईकोर्ट में भी ई-रिक्शा संचालन को लेकर दायर याचिका पर राज्य सरकार को नोटिस जारी किया गया है। इसके बाद परिवहन विभाग ने नीति निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि ड्राफ्ट पर जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

इंदौर में ही नहीं दिख रहा असर

जिस इंदौर मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है, उसी शहर में इसका असर सीमित नजर आ रहा है। बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालकों ने अब तक रूट आधारित पंजीयन नहीं कराया है। इसके चलते कई चालक निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे। यातायात पुलिस कार्रवाई करती है तो कई बार चालकों और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है। परिवहन विभाग का मानना है कि नई नीति लागू होने के बाद जिला प्रशासन के पास स्पष्ट अधिकार होंगे और ई-रिक्शा संचालन को अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकेगा।

पहले प्लान बनाया जा चुका कि ई-रिक्शाओं का संचालन 4 सेक्टरों में होगा। सभी सेक्टर के लिए अलग-अलग रंग तय किए है। खास बात यह है कि हर जोन के रिक्शा की पहचान उसकी छत के रंग से होगी। आगामी 10 दिनों आवंटन की प्रोसेस की जाएगी।

Updated on:
10 Jul 2026 03:09 pm
Published on:
10 Jul 2026 02:18 pm