इंदौर

होटल हादसा: सिंधिया ने रेस्क्यू ऑपरेशन पर उठाए सवाल

एमपीसीए की बैठक में शामिल होने के लिए इंदौर आए सिंधिया एमवाय अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे
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Updated: 3 Apr 2018, 9:46 AM IST
sindhiyaji

इंदौर. कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हादसे के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है यदि सही तरीके से बचाव किया जाता तो कुछ जानें बचाई जा सकती थीं। एमपीसीए की बैठक में शामिल होने के लिए इंदौर आए सिंधिया एमवाय अस्पताल में घायलों से मिलने पहुंचे थे।

उन्होंने कहा, घटना की जांच की जानी चाहिए। इस तरह की कोई घटना हो तो प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम के तरीके से बचाव होना चाहिए। स्नीफर डॉग, लेजर के आधार पर लोगों को लोकेट करने की कोशिश की जानी चाहिए, हाथों से काम होना चाहिए। यहां तो जेसीबी मशीनें, बुलडोजर चढ़ा दिए गए। संभवत: मलबा उठाने के दौरान लोगों की मौत हो गई।

शासन को प्रशासन को सावधानी बरतना चाहिए थी। इस मामले में घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ ही घटना के बाद लोगों को बचाने के बजाए मलबा उठाने को प्राथमिकता देने वालों पर भी कार्रवाई होना चाहिए।

परवानी से कराएंगे मृतकों की शिनाख्त
इंदौर. हादसे में मृत तीन लोगों की अब तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। टीआई संजू कामले के मुताबिक, इन लोगों की शिनाख्त के लिए एमएस होटल के मालिक शंकर परवानी को अस्पताल ले जाया जाएगा।

भोपाल कंपाउड के रहवासी भी पहुंचे महापौर के पास
जर्जर भवनों को 24 घंटे में खाली करने के लिए निगम द्वारा की गई मुनादी के बाद भोपाल कंपाउंड (हुकुमचंद सेठ की चाल) के रहवासी महापौर से मिलने पहुंचे और ज्यादा समय देने की मांग की।

इन भवनों को करेंगे सील
घनश्याम व्यास, 18/1 पारसी मोहल्ला, खुशाल सिलावट, 18/19 पारसी मोहल्ला, ओमप्रकाश अग्रवाल, आरएनटी मार्ग, नवजीतसिंह चावला, किबे कंपाउंड, रामरतन सेठ 13/1, छोटी ग्वाल टोली, मोदी भवन, सनत प्यारेलाल, छोटी ग्वाल टोली, अनीसा बी, बांदा कंपाउंड।

ताई ने ली निगमायुक्त से जानकारी
हादसे को लेकर लोकसभा अध्यक्ष व सांसद सुमित्रा महाजन ने निगम आयुक्त मनीष सिंह से फोन पर चर्चा की। ताई ने कहा, नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन को घटना से संबंधित हर बिन्दु पर कड़ी जांच की जरूरत है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना चाहिए।

इंदौर शहर में बहुत सी पुरानी इमारतें हंै। भवन सुधार, विस्तार आदि कार्य के लिये योग्य एजेंसियों से टेक्निकल गाइडेंस लेकर ही निर्माण कार्य किया जाना चाहिए।

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