इंदौर

गरबा के बाद 9 लाख बच्चों को जन्म देती हैं हिंदू लड़कियां, बीजेपी विधायक का बड़ा बयान

MLA Usha Thakur : इंदौर में गरबा में गैर-हिंदुओं की एंट्री और व्यावसायिक गरबा को लेकर बयान, पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने किया विवादास्पद दावा
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Sep 22, 2026
इंदौर में गरबा पर विधायक उषा ठाकुर का विवादास्पद दावा
इंदौर में गरबा पर विधायक उषा ठाकुर का विवादास्पद दावा image credit- X @UshaThakurMLA और पत्रिका

MLA Usha Thakur : देशभर की तरह एमपी में भी गरबा में हिंदुओं और गैर हिंदुओं के प्रवेश पर विवाद चल रहा है। हिंदूवादी संगठन हर हाल में गैर हिंदुओं की एंट्री पर बैन की बात कह रहे हैं। गरबा में केवल सनातन धर्मियों को ही प्रवेश दिए जाने की वकालत की जा रही है। इस मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी की एक नेत्री का विवादास्पद बयान सामने आया है। बीजेपी की विधायक उषा ठाकुर ने इंदौर में यह बयान दिया है। उन्होंने कहा है हर साल लाखों हिंदू युवतियां गरबा पंडालों से भाग जाती हैं और बाद में बच्चों को जन्म देती हैं। बीजेपी विधायक उषा ठाकुर ने कहा विधर्मियों के साथ लड़कियां भागती हैं। हर साल करीब 9 लाख बच्चों को जन्म देती हैं।

गरबा में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के लिए विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा चलाए जा रहे अभियानों का विधायक उषा ठाकुर ने समर्थन किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से पहचान छिपाकर प्रवेश करने वालों पर पाबंदी लगाने की बात कही।

विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि गरबा मूलत: शक्ति की साधना से जुड़ा नृत्य है। यह धार्मिक आस्था का विषय है जिससे मातृशक्ति के व्यक्तित्व का विकास होता है। विधायक उषा ठाकुर ने कहा कि गरबा में कुछ लोग युवतियों को भ्रमित करने के लिए जाते हैं। ये अपनी पहचान छिपाकर या नाम बदलकर पंडालों में प्रवेश करते हैं। विधायक उषा ठाकुर ने ऐसे लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जो मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं रखते, उन लोगों को गरबा में प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए।

4.5 लाख लड़कियां चली जाती हैं

पूर्व मंत्री व महू की विधायक उषा ठाकुर ने दावा किया कि हर साल गरबा के दौरान करीब 4.5 लाख हिंदू लड़कियां विधर्मियों के साथ चली जाती हैं। बाद में करीब 9 लाख बच्चों को जन्म देती हैं। इससे जनसांख्यिकी में तेजी से बदलाव हो रहा है। विधायक उषा ठाकुर ने आंकड़े तो गिनाए पर उनका आधार नहीं बताया।

गरबा में पीछे छूटी साधना

गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पाबंदी की वकालत के साथ ही विधायक उषा ठाकुर ने गरबा के व्यवसायिककरण पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक रूप से गरबा शक्ति की उपासना, शस्त्र और शास्त्र के ज्ञान का माध्यम था। लेकिन आज व्यवसायिक आयोजन किए जा रहे हैं जिनमें साधना पीछे छूट गई है। गरबा अब केवल महंगे और डिजाइनर कपड़ों, गहनों और टैटू के प्रदर्शन का माध्यम बनकर रह गया है।

कौन हैं उषा ठाकुर

डॉ. अम्बेडकर नगर, महू की विधायक
पूर्व कैबिनेट मंत्री मध्यप्रदेश शासन
पर्यटन, संस्कृति एवं अध्यात्म विभाग की मंत्री रहीं

Updated on:
22 Sept 2026 04:40 pm
Published on:
22 Sept 2026 03:23 pm