
इंदौर। सर्दी, खांसी और बुखार के चलते एक परिवार के तीन सदस्य निजी अस्पताल में भर्ती हुए। ऐसा वज्रपात हुआ कि दो दिन में दो लोगों की मौत हो गई। पहले बेटा नहंीं रहा। उसकी चिता की राख अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि अगले दिन पिता भी चल बसे। तीसरी सदस्य ठीक होकर घर पहुंचीं।
अन्नपूर्णा रोड की सिल्वर पैलेस कॉलोनी में रहने वाले रमेशलाल मनवानी, उनकी पत्नी अनिता और बेटे विनोद को सर्दी, खांसी और बुखार की समस्या हुई। तीनों को सुयश अस्पताल में भर्ती कराया गया। कोरोना वायरस की आशंका के चलते जांच कराई गई। अस्पताल के मुताबिक रिपोर्ट नेगेटिव आई। तीनों का निमोनिया का लगातार इलाज चल रहा था।
रविवार को अचानक विनोद की तबीयत खराब हुई और मौत हो गई। परिवार के सदस्यों को जानकारी देने के बाद दाह संस्कार किया गया। बेटे की राख ठंडी भी नहीं हुई थी कि सोमवार दोपहर २.३० बजे पिता रमेश का निधन हो गया, जबकि उनकी भी रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव आई थी। हालांकि दोनों को शुगर और ब्लड प्रेशर की दिक्कत थी। परिवार के चंद लोगों को ले जाकर आज उनका भी दाह संस्कार किया गया।
खड़े हो रहे अनेक सवाल
अस्पताल की रिपोर्ट मुताबिक तो दोनों की रिपोर्ट नेगेटिव थी पर लक्षणों को लेकर परिजन तो ठीक आसपास के लोगों को आशंका बनी हुई है। हालांकि परिवार की तीसरी सदस्य यानी रमेश की पत्नी की अस्पताल से छुटट्ी हो गई। हंसते-खेलते परिवार के दो सदस्यों के अचानक चले जाने से सभी सदमे में हैं। सवाल खड़े हो रहे हैं कि ऐसा क्या हुआ, जिसका इलाज नहीं हो सका।