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इंदौर में 2 हजार से अधिक UPI पेमेंट पर शुल्क का अनोखा विरोध, व्यापारी कैश में कर रहे कारोबार

No UPI Day : राजवाड़ा में व्यापारी अपनी अपनी क्यूआर कोड स्कैनर मशीन लेकर एक जगह इकट्ठे हुए। यहां उन्होंने सभी मशीनों पर काला कपड़ा ढंककर अनोखे ढंग से नए मर्चेंट चार्ज का विरोध किया।
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No UPI Day

राजवाड़ा में मर्चेंट चार्ज का अनोखा विरोध (फोटो सोर्स: Patrika)

Indore News : मध्य प्रदेश की आर्थिक नगर इंदौर में व्यापारियों द्वारा 'No UPI Day' पर अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। बता दें कि, 2 हजार से अधिक डिजिटल भुगतान पर UPI मर्चेंट पेमेंट पर प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ शहरभर के व्यापारी आज नो यूपीआई डे मना रहे हैं। शहर के राजवाड़ा इलाके के व्यापारी अपनी दुकानों पर लगे क्यूआर कोड स्केनर लेकर एक स्थान पर पहुंचे। यहां उन्होंने सभी स्कैनर मशीनों को काले कपड़े से ढककर विरोध व्यक्त किया। इसके अलावा, शहर के कई बाजारों में सांकेतिक विरोध दर्ज कराने के लिए व्यापारियों ने क्यूआर कोड स्कैनर को सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया।

बता दें कि, अहिल्या चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के आह्वान पर शहर के विभिन्न व्यापारिक संगठन इस अभियान में एकजुट हुए हैं। राजबाड़ा, क्लॉथ मार्केट समेत इंदौर के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानों के बाहर 'No UPI Day' के पोस्टर लगे नजर आ रहे हैं। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन समेत अन्य संगठनों ने ग्राहकों से आज यूपीआई के बजाय कैश में भुगतान करने की अपील कर रहे हैं।

व्यापारी बोले- 'पुनर्विचार करना होगा'

प्रदर्शन कर रहे कारोबारियों का कहना है कि, वे डिजिटल पेमेंट व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त नहीं कर रहे हैं, बल्कि 2000 से अधिक राशि पर लगने वाले मर्चेंट भुगतान का विरोध कर रहे हैं। व्यापारियों का तर्क है कि, यूपीआई अब छोटे-बड़े सभी दुकानदारों के कारोबार की जीवनरेखा बन चुका है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लागू होने से व्यापार की लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ेगा। उनका कहना है कि, किसी भी नए शुल्क को लागू करने से पहले उस पर पुनर्विचार करना होगा।

व्यापारी संगठनों का दावा

प्रदर्शन कर रहे व्यापारी संगठनों ने दावा है कि, इंदौर से शुरू हुए इस विरोध को राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिलने लगा है। दिल्ली समेत देश के अन्य राज्यों के व्यापारिक संगठन भी इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। व्यापारी इस आंदोलन को व्यापक रूप देकर सरकार और संबंधित संस्थाओं तक अपनी बात पहुंचाने का काम करेंगे।