NCRB के आंकड़ों के आधार पर पौरुष संस्था द्वारा किये सर्वे में हुआ चौकाने वाला खुलासा। चोरी, लूट, डकैती, चैन स्नेचिंग जैसी वारदातों में पुलिस को राहत
इंदौर/ अपनी चकाचौंद और कारोबार के साथ साथ अपराधों के मामले में भी मिनी मुंबई कहलाने वाले इंदौर ही नहीं बल्कि, प्रदेश ने पिछले 50 दिनों से अपराध के मामले में दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जानकारों की मानें तो ये गिरावट कोरोना के फैलते संक्रमण और उसकी वजह से किये गए लॉकडाउन के चलते हुई है। शहर की बात करें, तो यहां अपराधियों ने आमजन के साथ साथ पुलिस की नाक में भी दम कर रखा था। अब हालात ये हैं कि, अपराधियों को पुलिस का नहीं बल्कि कोरोना, लॉकडाउन और कर्फ्यू का डर सता रहा है।
सर्वे में खुलासा
हालही में हुए एक सर्वे खुलासा हुआ कि, बीते 50 दिनों में मौजूदा हालात के चलते संगीन अपराधों में 88 से 98 फीसदी तक की कमी आई है। जो पुलिस महकमें के लिए बेहद चौकाने वाली है। इसकी वजह ये है कि, ल़ॉकडाउन के चलते आमजन तो अपने घरों में कैद है। यही कारण है कि, पुिस को इस छेत्र में बड़ी राहत मिली हुई है।
सरकार की कम हुई चिंता
कोरोना बीमारी पर नियंत्रण करने के लिए स्वास्थ विभाग, नगर निगम, पुलिस एवं प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है। ऐसे में ये खबर अत्यंत सुकून देने वाली है कि, देशभर में कोरोना काल के दिनों में विभिन्न अपराधों का ग्राफ 88 फीसदी से लेकर 98 फीसदी तक गिर चुका है।
अपराधियों के हौसले पस्त
महिला अपराधों के मामले में कमी आने के कारण मौत के भय से अपराधियों के हौसले पस्त हो जाना है। पुरुष अधिकारों के लिए कार्यरत संस्था में पुरुषों द्वारा पिछले 50 दिनों के लिए किए गए ऑनलाइन टेलीफोनिक सर्वे तथा नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरों (एनसीआरबी) के आंकड़ों से पता चला है कि, महिला अपराधों का ग्राफ पिछले कई दशकों के मुकाबले बेहद कम पाया गया है।
गंभीर अपराधों में आई इतनी कमी
संस्था पोरुष के अध्यक्ष अशोक दशोरा ने बताया कि, कोरोना काल के दौरान सख्ती एवं बंद के चलते महिला एवं बाल अपराधों का ग्राफ निमनतम स्थिति में है। 22 मार्च से वर्तमान 22 मई तक दो माह के आंकड़ों पर गौर करें तो देशभर में दुषकर्म के मामलों में 88 फीसदी की गिरावट आई है। छेड़छाड़ के मामलों में 93 फीसदी कमी आई है। अपहरण में 95फीसदी गिरावट आई है। यौन उत्पीड़न में 97 फीसदी, दहेज प्रताड़ना में 98 फीसदी, हंसा के अन्य मामलों में 99 फीसदी तक की कमी आई है। वहीं, बाल अपराधों में भी 96 फीसदी कमी आई है।
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ये संगीन अपराध भी बिल्कुल थमे
चोरी, लूट अपहरण हमले, चेन स्नेचिंग और शराब तस्करी के मामलों में इंदौर की स्थिति कई सालों से बेहद खराब थी। पिछली साल इसी अवधि में चोरी की 69, लूट की 27, अपहरण की 17, चेन स्नेचिंग की 13 और शराब तस्करी को लेकर 21 केस दर्ज किये गए थे। इसी तरह अन्य मामलों के भी 147 केस सामने आए थे। वर्तमान की इस अवधि में इन्हीं तरह के सिर्फ अब तक 23 केस सामने आए हैं।