- साइबर सेल ने ठगोरे के अकाउंट फ्रिज कराए,
मनीष यादव @इंदौर।
स्टेट साइबर सेल के पास एक ठगी का मामला सामने आया है। निजी कंपनी के कर्मचारी के साथ आठ लाख की ठगी हो गई। आरोपी ने लाइकशेयर करने का झांसा दिया और रुपए लेकर चंपत हो गया। समय रहते साइबर सेल को शिकायत मिल गई और आरोपी के बैंक खाते फ्रिज करवा दिए। इंदौर द्य न्यूज टुडे पीडि़त ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पास एक मैसेज आया। आरोपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो लाइक और शेयर करने का झांसा दिया। वह उसकी बातों में आ गए। कुछ समय तक आरोपी उनका भरोसा दिलाने के लिए एक-दो हजार रुपए डालता रहा। बाद उन्हें झांसा दिया कि वह अगर आठ लाख रुपए निवेश कर देंगे तो जो रिटन्र्स उसे अभी मिल रहा है वह कई गुना हो जाएगा। वह उसकी बातों में आ गए और आरोपी को रुपए दे दिए। एसपी साइबर सेल जितेंद्र सिंह ने बताया कि रुपए मिलते ही आरोपी ने अपना रंग दिखाया और अकाउंट बंद कर दिया। फरियादी को समय रहते ठगी का एहसास हो गया और वह शिकायत लेकर साइबर सेल पहुंच गया। आरोपी के बैंक खातों की जानकारी लेकर उसे ब्लॉक करवा दिया। अब बैंक खातों से रिकवरी की प्रक्रिया चल रही है।
चीन का है गिरोह
हाल ही में हैदराबाद पुलिस ने इसी तरह की ठगी करने वाले गिरोह को पकड़ा है। आरोपियों में से एक गुजरात का है, दूसरा आंध्र प्रदेश का है। उनकी जांच में यह बात सामने आई थी कि गिरोह का कनेक्शन चीन से है। स्टेट साइबर सेल भी इसी को आधार बनाते हुए इंदौर के केस में जांच कर रही है। अधिकारी जांच के बाद ही विदेशी कनेक्शन होने की बात कह रहे हैं।
प्रोफेशनल को बना रहे शिकार
एसपी सिंह ने बताया कि अब तक के ठगी के अधिकतर मामलों में यह देखने में आया है कि शिकार प्रोफेशनल ही हो रहे हैं। बीटेक, एमबीए और दूसरी प्रोफेशनल डिग्रीधारक भी शिकायत लेकर स्टेट साइबर सेल पहुंचे हैं। कई बार ज्यादा जानकारी होने पर भी व्यक्ति लापरवाही कर लेता है। इसी के चलते वह ठगी का शिकार हो जाता है। दो दिन पहले ही भंवरकुआं पुलिस ने भी इस तरह के एक धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
इस तरह बचें
एसपी सिंह ने बताया कि टेलीग्राम पर इस तरह के गिरोह सक्रिय हैं। वह पार्ट टाइम यह फुल टाइम जॉब के नाम पर, सॉफ्टवेयर की मदद से रेटिंग, क्रिप्टो करंसी में निवेश का झांसा देकर ठगी करते हैं। इनसे बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी होगी।
- किसी भी अनजान ग्रुप या चैनल से न जुड़ें। किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
-क्रिप्टो करंसी, जॉब, एडवांस ट्रेडिंग आदि के लालच में फंसकर रुपए जमा न कराएं।
- किसी भी लिंक के माध्यम से खुले वेब पेज पर निजी जानकारी अंकित करने से बचें।
- अपने सोशल मीडिया अकाउंट, ईमेल पर टू वे वेरिफिकेशन चालू करें।
- फिर भी फंस जाएं तो पास के थाने में या फिर हेल्पलाइन नंबर 1930 की मदद लें।