Cyber Fraud : इस बार डिजिटल जालसाजों ने मेट्रो रेल कार्पोरेशन कंपनी के एक अधिकारी को शिकार बनाया है। अपराधियों ने 48 घंटे तक अफसर को हाउस अरेस्ट कर उनसे 2 लाख ठगे हैं।
Cyber Fraud :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में साइबर ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शहर में इ ठगों द्वारा लोगों को हाउस अरेस्ट कर ठगी का शिकार बनाने के मामलों में भी खासा तेजी आ री है। सामने आए ताजा मामले में इन डिजिटल जालसाजों ने इंदौर मेट्रो रेल कार्पोरेशन कंपनी के एक अधिकारी को ही अपना शिकार बना लिया। अपराधियों ने 48 घंटे तक अफसर को हाउस अरेस्ट कर उससे 2 लाख रुपए की ठगी की है।
स्काइप एप से संपर्क कर अपराधियों ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अफसर बताया। साथ ही कहा कि आपके आधार नंबर पर जारी मोबाइल सिम का इस्तेमाल ड्रग्स ट्रैफिकिंग में हुआ है। आपके खाते में भी 1 लाख रुपए जमा हुए हैं। ऐसे में अब सीबीआई भी आप पर निगरानी कर रही है। आप किसी से बात न करें, वरना पुलिस आपको अरेस्ट कर लेगी।
इस तरह कानूनी डर बताकर अपराधियों ने 12 अगस्त को यूपीआई से 99 हजार रुपए और 13 अगस्त को भी 99 हजार रुपए जमा करवाए। अपराधियों ने मेट्रो के अधिकारी से उनके बैंक खातों की जानकारी ली। अपराधियों के झांसे में आकर उन्होंने सारी जानकारी भी उन्हें दे दी। मामले में मेट्रो के अफसर को ठगी का अहसास होने पर बुधवार को क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
शनिवार सुबह 10.30 बजे : मेट्रो के अधिकारी को मोबाइल पर पहला काल आया।
शनिवार शाम 4 बजे : स्काइप एप से कॉल आया और सामने से कहा गया कि किसी से भी बात न करें। घर में ही रहें, आप पर नजर रखी जा रही है।
रविवार दिनभर घर पर अधिकारी को रोके रखकर स्काइप एप पर बात की जाती रही।
सोमवार शाम 4 बजे अधिकारी से यूपीआइ से 99 हजार रुपए डलवाए।
मंगलवार शाम रो भी करीब 4 बजे अधिकारी से दौबारा यूपीआई पर 99 हजार रुपए ट्रांसफर कराए।