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कैलाश की जुबान पर लगाम नहीं: लड़कियों के कपड़ों और राहुल-प्रियंका के चुंबन पर भी दे चुके हैं उटपटांग बयान

Kailash Vijayvargiya Controversial Statement: अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियां बटोरने वाले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय फिर चर्चाओं में हैं।

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Kailash Vijayvargiya Controversial Statement

फोटो सोर्स- पत्रिका

Kailash Vijayvargiya Controversial Statement: मध्यप्रदेश के नगरीय विकास मंत्री और भाजपा के सीनियर लीडर्स में शुमार कैलाश विजयवर्गीय की जुबान अक्सर फिसल जाती है। जब कैलाश विजयवर्गीय से मीडिया ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के मामले पर सवाल पूछा तो उन्होंने फोकट का सवाल मत पूछो बताते हुए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।उस शब्द का प्रयोग करना पत्रिका की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। हालांकि, ये विवादित बयानों का पहला मौका नहीं है। इसकी एक लंबी फेहरिस्त है। वह अक्सर महिला, धर्मिक और राजनीतिक विरोधियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते रहते हैं।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सवाल से तिलमिलाए

जब मीडिया ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा और विभाग में हुए कांड के बारे में पूछा तो विजयवर्गीय अपनी पुरानी आदत की तरह ही अपशब्द और आमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया। अभद्र भाषा का इस्तेमाल के बाद बवाल मच गया। भले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर माफी मांग कर मामले का हस्तक्षेप करने की कोशिश की लेकिन जनता की सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।

हालांकि, बाद में उन्होंने माफी भी मांगी। जिसमें लिखा कि मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे दु:ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ। लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूँगा।

कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान

  • शाजापुर में साल 2025 के सितंबर महीने में कैलाश विजयवर्गीय ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि पुराने जमाने में लोग अपनी बहनों के गांव का पानी तक नहीं पीते थे, लेकिन आज के हमारे नेता प्रतिपक्ष ऐसे हैं कि अपनी बहन का चौराहे पर चुंबन कर लेते हैं। ये संस्कारों का अभाव है। ये विदेश के संस्कार है। उनके इस बयान पर कांग्रेस समेत कई लोगों ने आलोचना की थी और इसे महिला विरोधी बयान करार दिया था।
  • इंदौर में जून 2025 में कहा था कि हमारे यहां महिला देवी का स्वरूप होती है। वो खूब अच्छे कपड़े पहनें, श्रृंगार करें। मुझे तो कम कपड़े पहनने वाली लड़कियां पसंद नहीं। कई लड़कियां मेरे पास सेल्फी खिंचाने आती हैं, तो मैं कहता हूं, बेटा पहले अच्छे कपड़े पहन कर आना फिर खिंचाना और मैं मना कर देता हूं।
  • इंदौर में अक्टूबर 2025 में कैलाश ने कहा था कि ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट खिलाड़ियों को बाहर निकलते समय स्थानीय अधिकारियों को सूचित करना चाहिए, यह एक सबक है। उस दौरान एक युवक ने ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स का पीछा करके उनपर कमेंट्स किए थे। साथ ही बैड टच करके फरार हो गया था।
  • इंदौर के मल्हारगंज में उन्होंने 15 अगस्त 2025 को कहा था कि 1947 को हमें कटी-फटी आजादी मिली थी। एक दिन इस्लामाबाद पर तिरंगा फहराया जाएगा और तब अखंड भारत का सपना पूरा होगा।
  • 24 दिसंबर 2025 को सागर जिले के बीना कस्बे में एक क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन के दौरान कैलाश ने कहा था कि जितने विनम्र बनेंगे उतने बड़े इंसान बनेंगे। बीजेपी के अभी अध्यक्ष बनें हैं नबीन। हमसे बहुत छोटे हैं और बहुत ही सहज सरल विनम्र हैं। बिहार का आदमी विनम्र हो जाए पर वो बिहार में विनम्रता के साथ आगे बढ़े और आज वो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी के अध्यक्ष हैं।
  • इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी बयान दे दिया कि मुमताज महल को पहले बुरहानपुर में दफनाया गया था और बाद में उनके शव को उस जगह ले जाया गया जहां एक मंदिर बन रहा था, जिसके बाद वहां ताजमहल का निर्माण हुआ। इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी और ध्रुवीकृत प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां विजयवर्गीय के समर्थक इसे ऐतिहासिक व्याख्या बता रहे हैं, वहीं आलोचकों ने इसे भड़काऊ और भ्रामक करार दिया है।

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