Cyber Fraud : साइबर ठगी का ये मामला सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि भरोसे, डर और आस्था की ठगी से जुड़ा है। पीड़ित पढ़ा-लिखा सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जिसे कुंडली में दोष बताकर 6 लाख 20 हजार की ऑनलाइन ठगी की गई है।
Cyber Fraud :मध्य प्रदेश में ठगी का जाल लगातार बढ़ता जा रहा है। साइबर पुलिस के तमाम प्रयासों और जागरुकता संबंधित चेतावनियों के बावजूद यहां ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। हालात ये हैं कि, किसी कम पढ़े लिखे को तो छोड़िए ये शातिर ठग पढ़े-लिखे नौकरीपेशा लोगों को भी बड़ी आसानी से ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसकी ताजा बानगी देखने को मिली राज्य की आर्थिक नगरी इंदौर में, जहां पढ़ा-लिखा सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी ऑनलाइन ठगों के जाल में फंसकर खुद के साथ लाखों की ठगी करवा बैठा।
साइबर ठगी का ये मामला सिर्फ पैसों की ठगी का नहीं, बल्कि भरोसे, डर और आस्था के साथ किए गए खिलवाड़ से जुड़ा है। पीड़ित युवक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। रोज़ की तरह वो इंस्टाग्राम चला रहा था, तभी उसकी नजर एक एस्ट्रोलॉजिस्ट के आकर्षक विज्ञापन पर पड़ी। भविष्य सुधारने, जीवन की परेशानियों से छुटकारा दिलाने जैसे दावों को देखकर खुद की परेशानियों से जूझ रहा शख्स उस विज्ञापन के झांसे में आ गया और संपर्क कर बैठा।
पीड़ित को सामने वाले ने बड़ा बाबा बताया। बातचीत के दौरान बाबा ने युवक से जन्म विवरण लिया और कुछ ही देर में उसकी कुंडली देखने का नाटक कर दिया। इसके बाद बाबा ने डराने वाला खेल शुरू किया। कुंडली में गंभीर दोष है, जीवन में बड़ा संकट है, नौकरी और परिवार पर खतरे जैसी बातें कहकर युवक को मानसिक रूप से तोड़ लिया। यही नहीं, बाबा ने ये तक कहा कि, अगर तुरंत ही विशेष पूजा नहीं कराई गई तो अनहोनी तक की संभावना है। डर और भरोसे में फंसा युवक पूजा, हवन और दोष मुक्ति कराने को तैयार हो गया। फिर बाबा ने एक के बाद एक कई ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कराए। कोई पूजा सामग्री के नाम पर था तो कोई विशेष अनुष्ठान के नाम पर। इस तरह शातिर ठग ने पीड़ित से कुल 6 लाख 20 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए।
जब युवक के पैसे खत्म हो गए और बाबा की मांगें फिर भी जारी रहीं, तब युवक को एहसास हुआ कि, उसके साथ ठगी हुई है। जिस बाबा पर उसने भरोसा किया, वो एक ऑनलाइन ठग था। खुद को संभालते हुए युवक ने इंदौर क्राइम ब्रांच पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाते हुए मदद की गुहार लगाई। शिकायत मिलते ही क्राइम ब्रांच हरकत में आई। जिन तीन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी, उन्हें तुरंत ब्लॉक करा दिया गया है। फिलहाल, इंदौर क्राइम ब्रांच इस मामले की गहन जांच में जुट गई है। ठगों की पहचान, उनके नेटवर्क और सोशल मीडिया के जरिए किए जा रहे इस आस्था के कारोबार को बेनकाब करने की रणनीति बनाई जा रही है।
ठगी का ये मामला अन्य लोगों के लिए भी एक चेतावनी है, सोशल मीडिया पर दिखने वाले चमत्कारों, बाबाओं और ज्योतिष के दावों से सावधान रहें, क्योंकि यहां आस्था नहीं, शातिर ठगी छुपी हो सकती है। पत्रिका ऐसे दावे करने वालों से सतर्क रहने की अपील करता है।