
Datia By Poll BJP-दतिया उपचुनाव का घमासान अब चरम पर आ गया है। सोमवार को नामांकन भरने के साथ ही अब दोनों दलों के प्रत्याशी प्रचार की रणनीति में जुट गए हैं। क्योंकि 30 जुलाई को मतदान होना है और 3 अगस्त को परिणाम आना है। भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों के हंगामे के बाद यह चुनाव अब और भी दिलचस्प हो गया है। इसी कड़ी में इंदौर क्षेत्र के दो नेताओं को भी स्टार प्रचारक बनाया गया है। खास बात यह है कि युवा नेता गौरव रणदिवे को पहली बार स्टार प्रचार बनाया गया है। जबकि तुलसी सिलावट को शामिल नहीं किया गया है।
दतिया उप चुनाव में भाजपा की सूची में इंदौर क्षेत्र को भी तवज्जो मिली है। स्टार प्रचारकों की सूची में इंदौर से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे भी हैं।
इंदौर के पलासिया के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्मे गौरव ने बीकॉम और एमबीए की डिग्री देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से प्राप्त की। वे बचपन से ही आरएसएस से जुड़े रहे। 2001 में आरएसएस की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिष के नेता के रूप में राजनीतिक करियर शुरू किया। 2005 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता बने। बाद में प्रदेश महामंत्री और प्रदेश उपाध्यक्ष सहित कई पदों पर रहे। गौरव को हरियाणा चुनाव की भी जिम्मेदारी दी गई थी। इंदौर के नगर अध्यक्ष रहे। इसके बाद 2024 में प्रदेश भाजपा में महामंत्री का दायित्व निभा रहे हैं।
भाजपा को मालूम है कि मिश्रा के टिकट कटने से पार्टी को अंदरूनी कलह से भी जूझना पड़ सकता है। इसके चलते संगठन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का क्षेत्र में प्रभाव और विशेष रणनीति के तहत उन्हें चुनाव का प्रभारी बनाया गया। इसके साथ अब प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 40 स्टार प्रचारकों की फेहरिस्त भी जारी कर दी जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री सिंधिया के अलावा शिवराज सिंह चौहान व वीरेंद्र खटीक को लिया गया। साथ में राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश व क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के साथ प्रदेश के मंत्रियों और संगठन के प्रमुख नेताओं को लिया गया। सूची में इंदौर से दो नेताओं को भी स्थान दिया गया। पहली बार रणदिवे स्टार प्रचारक की सूची में शामिल हुए हैं। आश्चर्य की बात ये है कि सिंधिया के चुनाव प्रभारी होने के बावजूद मंत्री तुलसीराम सिलावट को शामिल नहीं किया गया है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने दतिया-भोपाल और दिल्ली तक चले घटनाक्रम पर तंज कसा है। पटेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि मैं कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता, क्योंकि इस समय वे दया के पात्र हैं।यह वही ज्वाइनिंग गैंग थी जो सरकारें गिराती थीं, विधायकों की खरीद-फरोख्त करती थीं। टिकट दिलवाती थी, राजनीतिक नियुक्तियां कराती थीं, लेकिन आज स्टार प्रचारकों की सूची में भी 16वें नंबर पर आ गए।