
इंदौर. ससुर को धीमा जहर देकर मारने की कोशिश करने वाली बहू और उसकी मां को तिलकनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साले और पत्नी के बीच हुई कॉल रिकॉर्ड सुनने के बाद पति को शंका हुई तो उसने पिता का ब्लड टेस्ट करवाया। जांच रिपोर्ट में धीमे जहर की पुष्टि के बाद पत्नी के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। सुप्रीम कोर्ट से पत्नी और उसकी मां की की जमानत रद्द हो गई थी। वह बुधवार को कोर्ट पहुंची और सरेंडर कर दिया। दोनों को रिमांड पर लेकर उनकी आवाज के नमूने लिए जा रहे हैं।
तिलकनगर थाना टीआई राधा जामोद के मुताबिक पिछले वर्ष फरवरी में इंजीनियर अमित श्रीवास्तव की शिकायत पर उनकी पत्नी भावना (35) और सास कांति (60) के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। शिकायत में कहा गया कि उसकी पत्नी और सास उसके पिता विनोद श्रीवास्तव को मारना चाहती है। शिकायत के बाद आरोपी पत्नी भावना जबलपुर में मां के साथ रहने लगी। भावना भी एक आईटी कंपनी में नौकरी करती है। प्रकरण दर्ज होने के बाद भावना ने जबलपुर हाईकोर्ट से ट्रांजिट जमानत ले ली, लेकिन गायब हो गई। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत स्वीकृत करवाई पर आपत्ति के बाद उसे खारिज कर दिया गया। पिछले दिनों मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो दोनों को 23 अगस्त तक सरेंडर करने के आदेश दिए।
ससुर के आ जाने से छिन गई आजादी
अमित ने पुलिस को बताया कि मई 2010 में उसने भावना से लव मैरिज की थी। उनकी एक 4 साल की बेटी है। 13 अप्रैल 2011 को अमित की मां सुमन का निधन हो गया। इसके बाद से पिता कभी बड़े भाई के पास दिल्ली में तो कभी इंदौर में अमित के पास रहने लगे। बीते दो साल से पिता अमित के पास ही रह रहे थे। भावना ससुर को पसंद नहीं करती थी। ससुर के आने के बाद से भावना की आजादी छिन गई थी।
पिता की हालत बिगड़ी तो हुआ शक
भावना ने मई 2017 में ससुर को खाने में जहरीला पदार्थ मिलाकर देना शुरू किया। अचानक विनोद कुमार की हालत बिगडऩे लगी तो अमित को शक हुआ। उसने भावना के मोबाइल में रिकॉर्डिंग सॉफ्टवेयर डाल दिया। एक दिन अमित ने भावना और उसके भाई के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सुन ली। इसमें भावना ने अपने भाई को बताया था कि वह ससुर को धीमा जहर दे रही है। अमित ने शिकायती आवेदन में यह भी लिखवाया कि पत्नी भावना का व्यवहार पूरे परिवार के प्रति अमानवीय रहा है। पति के आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने बीते रविवार को एफआईआर दर्ज की।