
Head Constable Firoz Khan property: उज्जैन के विवादित भूमि सौदे में भी मिला आरोपी फिरोज खान का नाम (फोटो सोर्स- Patrika)
Lokayukta action: आय से अधिक सम्पत्ति मामले में लोकायुक्त के रडार पर आए प्रधान आरक्षक फिरोज खान (Head Constable Firoz Khan) के और भी कई मामले सामने आ रहे है। एजेंसी इन्हें जांच के दायरे में ले रही है। इसमें पहला मामला फिरोज खान का डांस करते नोट उड़ाने का है। ये वायरल वीडियो उसकी बेटी की शादी का बताया जा रहा है। इसके साथ ही उज्जैन रोड स्थित एक जमीन के सौदे में भी उसके नाम का उल्लेख मिला है। एजेंसी इस सौदे में फिरोज की भूमिका जांच रही है। माना जा रहा है कि उसकी और सम्पत्ति का खुलासा हो सकता है।
लोकायुक्त एजेंसी ने शादी में नोट उड़ाते फिरोज के वायरल वीडियो को भी जांच में शामिल किया है। पता लगाया जा रहा है कि में हुआ था। आयोजन में कितनी राशि आचाकी आयोजनसे भी काना अवैध आय स्त्रोत की जांच में सहयोग मिल सकेगा। जानकारी मिली है कि इस शादी में फिरोज जमकर रुपए खर्च किए थे।
लोकायुक्त ने फिरोज के साथ ही उनकी बिजनेस पार्टनर रोशनी वर्मा (Roshni Verma) को भी इस मामले में कथित सहआरोपी बनाया है। एजेंसी ने फिरोज के परिवार के सदस्यों के साथ ही रोशनी को जांच के दायरे में लिया है। पड़ताल में रोशनी के परिजन के नाम पर बैंक खाते भी फिरोज के पास मिले हैं। मिली जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त की टीम देवास स्थित घर पर छापा मारने पहुंची थी, तब आरोपी फिरोज उन्हें वहां नहीं मिला था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह पीथमपुर गया है।
दूसरी ओर, इंदौर की स्कीम-94 स्थित रोशनी के घर के बाहर उसकी गाड़ी खड़ी होने की बात सामने आई थी। लेकिन सूत्रों ने दावा किया कि जिस वक्त फिरोज के घर छापेमारी की गई, उस वक़्त वो अपनी किसी परिचित महिला के घर था, छापे की भनक लगते ही वह टहलने निकल गया, और उसके बाद देर शाम तक वापस नही लौटा।
लोकायुक्त जांच में उज्जैन रोड स्थित करोड़ों की कृषि भूमि की रजिस्ट्री में फिरोज का नाम गवाह के तौर पर सामने आया है। लोकायुक्त विभाग से मिली अनौपचारिक जानकारी के अनुसार लव कुश चौराहा के पास स्थित बड़ी कृषि भूमि एक कंपनी के नाम पर खरीदी गई थी। इसकी रजिस्ट्री में करीब 9 करोड़ रुपए स्टाम्प ड्यूटी चुकाने की जानकारी है। इससे अनुमान है कि जब स्टाम्प ड्यूटी 9 करोड़ है तो जमीन का मूल्य कई गुना अधिक होगा। इस रजिस्ट्री में फिरोज का नाम गवाह के रूप में दर्ज है, इसलिए आशंका जताई जा रही है कि उसने ही ये सौदा किया है।
खुद के नाम पर जमीन न दर्शाते हुए उसका क्रय किसी और नाम पर कराया और खुद इसमें गवाह बन गया। इस जमीन के सौदे के कुछ दिनों बाद इसकी असल मालिक रही महिला की मौत हो गई थी। इसके बाद मृतका के परिवार की ओर से शिकायत कर जमीन के नामांतरण पर रोक लगवा दी गई थी। जमीन विवादित होने और रजिस्ट्री में फिरोज का नाम आने के कारण लोकायुक्त एजेंसी अब संबंधित कंपनी और सौदे से जुड़े लोगों की भूमिका तलाश रही है। पता लगाया जा रहा है कि फिरोज की भूमिका इस जमीन में केवल गवाह के तौर पर ही थी या वो अप्रत्यक्ष रूप से इसका मालिक है।
लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि विवेचना के दौरान फिरोज की और भी सम्पत्तियों (Head Constable Firoz Khan property) का पता चला है। इसमें सहयोगी रोशनी वर्मा के नाम ग्राम राजोदा (देवास) स्थित 1.15 हेक्टेयर कृषि भूमि, साहिल ट्रेडिंग कम्पनी के नाम से शक्ति नगर गृह निर्माण सहकारी संस्था देवास द्वारा विकसित शक्ति नगर कॉलोनी का प्लॉट, परिचित नफीस खान, राधागंज देवास के नाम प्लॉट, अन्य परिचित रानू कुशवाह आदर्श नगर देवास के नाम ग्राम लोहाना देवास में 0.305 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदने के प्रमाण मिले हैं। इस प्रकार अभी तक की जांच में आरोपी द्वारा स्वयं, सहयोगियों, फर्म व परिवार के नाम से 38 अचल सामने आई है। गाइडलाइन के अनुसार इनकी कीमत 12,97,05,901 (लगभग 13 करोड़) रुपए है। वर्तमान बाजार कीमत 35,46,46,768.(35 करोड़ से अधिक) रुपए आंकी गई है। इस प्रकार अभी तक आरोपी द्वारा 15,52,02,923 रुपए का व्यय चल/अचल सम्पत्ति पर किया जाना पाया गया है।
Updated on:
17 Oct 2026 08:01 am
Published on:
17 Oct 2026 08:01 am
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