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Asaram : दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा आसाराम अभी पैरोल पर है। उसे 20 दिन के लिए छोड़ा गया है। आसाराम को हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद जेल से रिहा किया गया। इस तथाकथित बाबा को सन 2013 में दुष्कर्म केस में एमपी के इंदौर से पकड़ा गया था। आसाराम को अपने खिलाफ केस दर्ज होते ही गिरफ्तारी की आशंका सताने लगी थी। उसने बचने की हर संभव कोशिश की। आसाराम का बेटा नारायण साईं खुलकर सामने आ गया। बाबा के करोड़ों अनुयायी थे जिनमें से कई लोगों ने पुलिस के बड़े अधिकारियों को भी धमकाया। मामले में राजस्थान कैडर के एक आईपीएस को भी धमकी दी गई, उनपर कई प्रकार के दबाव डाले। हालांकि वे जरा नहीं घबराए। आईपीएस ने अपना फोन ही बंद कर लिया पर आसाराम को जरा सी भी रियायत नहीं दी। बाद में किताब लिखकर उसकी करतूतों का पर्दाफाश किया।
इंदौर के लिए 31 अगस्त 2013 का दिन बेहद खास है। इस दिन खंडवा रोड स्थित आश्रम से आसाराम को राजस्थान से आई पुलिस पकड़कर ले गई थी। उसके खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था। आसाराम को पकड़ने आई जोधपुर पुलिस को कई घंटों तक परेशान होना पड़ा था। उसके अनुयायियों ने खूब हंगामा किया था।
आसराम मामले पर एक किताब लिखी गई है: गनिंग फॉर द गॉडमैन : द ट्रू स्टोरी बिहाइंड आसाराम बापूज कॉन्विक्शन ( Gunning for the Godman: The True Story Behind Asaram Bapu’s Conviction )। राजस्थान कैडर के आईपीएस अजयपाल लांबा ने इसे लिखा है। सन 2013 में आसाराम की गिरफ्तारी के समय वे जोधपुर के डीसीपी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। आईपीएस अजयपाल लांबा ने अपनी किताब आसाराम केस के संबंध में कई राज खोले हैं। उन्होंने विस्तार से बताया है कि कैसे आरोपी ने अपने बचाव में हर हथकंडे अपनाए पर कानून ने उसपर शिकंजा कस ही दिया।
दुष्कर्म की शिकायत दर्ज होते ही आसाराम के लोग खुलेआम धमकाने पर उतर आए थे। जोधपुर पुलिस की तत्कालीन एसीपी चंचल मिश्रा को तो जान से मारने तक की धमकी दी गई थी। उन्हें धमकाया गया कि बम से उड़ा देंगे पर पुलिस टीम को हौसला बरकरार रहा।
आईपीएस अजयपाल लांबा के अनुसार: आसाराम की गिरफ्तारी के बाद भी धमकियों का सिलसिला जारी रहा। मुझपर भी खूब प्रेशर डाला गया। धमकियों के बाद मैंने अपना फोन ही बंद कर दिया था पर बाबा को कोई रियायत नहीं दी। आईपीएस अजयपाल लांबा ने अपनी किताब में बताया कि जब उन्होंने आसाराम से सख्ती से पूछताछ की तो वह डर गया। इसके बाद धीरे से बोला कि उससे गलती हो गई। आसाराम मामले का कोर्ट ट्रायल करीब 4 साल चला था। इसके बाद ही उसे सजा सुनाई गई थी।
Updated on:
16 Oct 2026 02:47 pm
Published on:
16 Oct 2026 02:47 pm
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