Digvijaya Singh latest statement- भोजशाला के बारे में दिग्विजय सिंह ने दोहराया कि यह एएसआई की ओर से संरक्षित स्मारक है, इसलिए इसका उपयोग कैसे होगा, यह अंततः सुप्रीम कोर्ट ही तय करेगा।
Digvijaya Singh latest statement- हाईकोर्ट के फैसले के बाद धार की भोजशाला मुद्दे पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। दिग्विजय सिंह ने कहा है कि मामला अब एक संवेदनशील मोड़ पर है और अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट को ही लेना है। भोजशाला एक एएसआई प्रोटेक्टेड मान्यूमेंट है, इसलिए यह तय करना कि यहां पूजा होगी या इबादत, कोर्ट के दायरे में आता है।
एक तरफ हिन्दू समाज ने भोजशाला परिसर में पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। वहीं भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद परिसर को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। राजनीतिक और कानूनी बहस भी छिड़ गई है। शनिवार को दिग्विजय सिंह ने कहा कि वे इस मामले का अध्ययन कर रहे हैं और जो भी निर्णय होगा, वो देश के कानून और नियमों के आधार पर ही होना चाहिए।
दिग्विजय ने यह भी कहा कि ऐसे कई मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, जैसे वाराणसी का ज्ञानवापी, संभल की मस्जिद और मथुरा-वृंदावन से जुड़े विवाद। भोजशाला के बारे में दिग्विजय सिंह ने दोहराया कि यह एएसआई की ओर से संरक्षित स्मारक है, इसलिए इसका उपयोग कैसे होगा, यह अंततः सुप्रीम कोर्ट ही तय करेगा। वर्तमान में हिन्दू और मुसलमान के नाम पर तनाव बढ़ाना उचित नहीं है। इससे समाज में और दूरी पैदा हो सकती हैं। दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल देखने को मिल रही है।
जब दिग्विजय सिंह से वाग्देवी की प्रतिमा के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि पहले भी इस पर प्रयास हो चुके थे और राष्ट्रपति डा. शंकर दयाल शर्मा के वक्त भी कोशिशें हुईं। दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रतिमा का विषय भावनात्मक जरूर है, लेकिन एएसआई की रिपोर्ट में इसका स्पष्ट जिक्र नहीं है।
दिग्विजय सिंह ने ASI की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि वाग्देवी की प्रतिमा का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है, जो एक महत्वपूर्ण बिन्दु है। दिग्विजय ने कहा कि किसी भी विवादित स्थल के बारे में तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर पारदर्शी निर्णय होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न बढ़े। शुक्रवार को इंदौर आए दिग्विजय सिंह ने कहा कि सामाजिक सौहार्द्र के इस संवेदनशील दौर में किसी एक समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है।
दिग्विजय ने नीट परीक्षा को लेकर कहा कि इसमें धांधली रोकने के लिए समिति ने विस्तृत रिपोर्ट दी थी, लेकिन सरकार ने कार्रवाई नहीं की। बार-बार घोटाले युवाओं के साथ धोखा है। छोटे लोगों को पकड़ा जाता है, बड़ी मछलियां बाहर हैं। शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफा लेना चाहिए और एनटीए के चेयरमैन को हटाना चाहिए।
ईंधन के बढ़ते दामों को लेकर दिग्विजय सिंह ने पीएम पर निशाना साधा। दिग्विजय ने कहा कि अच्छे दिन लाने का वादा किया था। 2014 में अब वे खुद कह रहे हैं कि अच्छे दिन नहीं है। पेट्रोल महंगा, डीजल समेत हर चीज महंगी हो गई है। आज पूरे ट्रैक से भारत की अर्थ व्यवस्था बिगड़ती जा रही है, कहते थे रुपया की कीमत गिर रही है, मैं उसे रोकूंगा, लेकिन हमारे रुपए की कीमत में जो गिरावट आई है, इतिहास में कभी नहीं आई।