Double-decker flyover at Lavkush crossing यह फ्लायओवर जमीन से 70 फीट ऊंचा है जबकि आमतौर पर ब्रिज की ऊंचाई अधिकतम 40 फीट रहती है।
Double-decker flyover at Lavkush crossing of Indore Ujjain Road मध्यप्रदेश की व्यवसायिक राजधानी इंदौर में प्रदेश का सबसे ऊंचा डबलडेकर फ्लायओवर बन रहा है। यह फ्लायओवर जमीन से 70 फीट ऊंचा है जबकि आमतौर पर ब्रिज की ऊंचाई अधिकतम 40 फीट रहती है। बाणगंगा से सांवेेर की दिशा में बनने वाले ब्रिज की लंबाई भी सवा किलोमीटर से ज्यादा है, ताकि वाहनों को ढलान और चढाई का सामना ज्यादा न करना पड़े। यह ब्रिज छह लेन बन रहा है जोकि शहर में अगले 25 सालों तक के ट्रैफिक को देखते हुए बनाया गया है।
इंदौर-उज्जैन रोड के लवकुश चौराहे पर बन रहा डबलडेकर फ्लायओवर का काम जल्द ही पूरा हो सकता है। शहर में बन रहे तीन अन्य ब्रिजों के साथ दिवाली के आसपास सीएम मोहन यादव इसका भी शुभारंभ कर सकते हैं।
जमीन से अधिकतम 70 फीट की इस ब्रिज की ऊंचाई की वजह मेट्रो ट्रेन ट्रेक है। तय मापदंडो के अनुसार मेट्रो ट्रेक से 20 फीट ऊंचाई पर ही ब्रिज की भुजा बनाई जा सकती है। गांधी नगर चौराहा से एमआर-10 की ओर बनने वाले ब्रिज की ऊंचाई मेट्रो ट्रेक से नीचे रहेगी। इंदौर में ही बायपास पर एनएचएआई थ्रीलेयर ब्रिज बना रहा है, हालांकि उसकी ऊंचाई कम है।
इंदौर विकास प्राधिकरण के अफसरों के अनुसार ब्रिज की दोनों भुजाएं तैयार हो रही हैं। बीच के हिस्से का काम सबसे अंत में किया जाएगा। प्रदेश में स्टेट हाइवे पर यह पहला डबल डेकर ब्रिज बन रहा है। चौराहे पर मेट्रो स्टेशन भी बन रहा है।
डबलडेकर फ्लायओवर 175 करोड़ रुपए की लागत से बनाया जा रहा है। ब्रिज के दोनों तरफ 12-12 मीटर की चौड़ी सड़कें बनेंगी। मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम इंदौर से उज्जैन तक छह लेन रोड बना रहा है,जो अरबिंदो अस्तपाल चौराहे से शुरू होगा। ब्रिज की भुजा इस चौराहे पर समाप्त होगी। नवंबर तक फ्लायओवर के निर्माण का काम पूरा होने की उम्मीद है।
बता दें कि इंदौर की करीब 35 लाख की आबादी पर 26 लाख वाहन आरटीओ में रजिस्टर्ड हैं। इनमें 20 लाख टू व्हीलर, 6 लाख फोर व्हीलर, 25 हजार थ्री व्हीलर हैं।