-नए मुख्यमंत्री करेंगे 'इंदौर विकास' का रिव्यू- 26 दिसंबर शहर का संभावित दौरा, नेक्स्ट लेवल पर होगी बात-काम की दिशा होगी तयपहली बार इंदौर आकर दे सकते हैं सौगात-मांग के आधार पर हो सकती है बड़ी घोषणा
इंदौर। मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव 26 दिसंबर को पहली बार इंदौर आ रहे हैं। वह शहर में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा के साथ नेक्स्ट लेवल इंदौर यानी मेट्रो पॉलिटन अथॉरिटी की बात भी करेंगे। किस दिशा में इंदौर को लेकर जाना है उस पर प्रमुख जनप्रतिनिधि व अफसरों के साथ विचार किया जाएगा। भविष्य के इंदौर के लिए प्रेजेंटेशन तैयार किया जाएगा। डॉ. यादव इंदौर के लिए कोई बड़ी घोषणा भी कर सकते हैं।
बुधवार को नगरीय एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई इंदौर दौरे पर थे। वह हुकुमचंद मिल के मजदूरों को दिए जाने वाली राशि वाले मामले में कोर्ट में पेश हुए। बाद में मंडलोई ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आइडीए अध्यक्ष जयपालसिंह चावड़ा, संभागायुक्त मालसिंह व कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी सहित प्रमुख अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री के 26 को होने वाले संभावित दौरे पर चर्चा हुई। मंडलोई ने हुकमचंद मिल की जमीन पर बनने वाले प्रोजेक्ट को लेकर भी एमपी हाउसिंग बोर्ड से समझने का प्रयास किया। स्पष्ट किया गया कि नगर निगम ने बोर्ड को जमीन दी है। उससे होने वाली आधी कमाई निगम को मिलेगी। उस राशि को कम किया जाएगा जो बोर्ड ने बैंक में बकाया जमा कराया है।
प्रारंभिक तौर पर हुई नेक्स्ट लेबल इंदौर की बात
- इंदौर में नर्मदा का चौथा चरण
- सोलर सिटी व डिजिटल सिटी के रूप में विकसित करना
- कार्बन क्रेडिट को लेकर काम
- शहर में एम्स की तर्ज पर बड़ा अस्पताल बनाने की आवश्यकता
- बाहर से आने वाले विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं जुटाना
- एजूकेशन हब बन रहे इंदौर में नए कॉलेजों की आवश्यकता
ये बोले प्रमुख सचिव मंडलोई
बैठक के बाद चर्चा में प्रमुख सचिव मंडलोई ने कहा कि बायपास के कंट्रोल एरिया के रोड, इंदौर मेट्रो पॉलिटन अथॉरिटी या ग्रेटर इंदौर का गठन, मेट्रो के विस्तार, आइडीए की योजना की समस्या, इंदौर उज्जैन कॉरिडोर पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। मुख्यमंत्री के सामने विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी।