आरटीओ में धांधली के बीच ड्राइविंग लाइसेंस में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है।
इंदौर. आरटीओ में धांधली के बीच ड्राइविंग लाइसेंस में भी बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए तय स्मार्ट चिप कंपनी ने बीते माह एक लाइसेंस जारी किया, जिसमें जन्म के 7 साल बाद ही लाइसेंस जारी करने की तारीख डाल दी गई। दामोदर नगर के अशोक सोलंकी के लाइसेंस में ये गड़बड़ की गई। 12 नवंबर को जारी लाइसेंस में सोलंकी की जन्मतिथि 4 जून 1992 डाली है, जबकि उन्हें पहला लाइसेंस 12 जनवरी 1999 को जारी होना बताया है। वहीं 26 वर्ष के युवक के लाइसेंस पर बुजुर्ग व्यक्ति का फोटो है। पूरी तरह से गड़बड़ ये लाइसेंस न सिर्फ कंपनी ने बना दिया, बल्कि आरटीओ के अफसरों ने उसे हस्ताक्षर करते हुए प्रमाणित करने के साथ ही जारी भी कर दिया। वहीं अब आरटीओ के अधिकारी इस भूल को सुधारने के साथ ही इसकी जांच करने की बात कर रहे हैं। आरटीओ का कहना है कि लाइसेंस में हुई गड़बड़ी की जांच की जा रही है। हालांकि ऐसा लग रहा है कि जन्म दिनांक गलत लिखी जाने से ऐसा हुआ है।