
ED Action in MP: मध्य प्रदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED ने प्रदेश के 2 पूर्व सरकारी अधिकारियों की करोड़ों की संपत्ति कुर्क की है। बताया जा रहा है कि मामला आय से अधिक सम्पत्ति रखने का है। इसके बाद ED पुलिस इंदौर ने बुधवार 3 मई को एक्शन लिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक ये संपत्तियां पहले से ही जारी जांच के दायरे में थीं।
ED, भोपाल जोनल ऑफिस ने PMLA, 2002 के तहत, अलीराजपुर के पूर्व जिला आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में लगभग 18.20 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर (ED Action) लिया है।
मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम के तहत की गई ED की इस कार्रवाई में पूछताछ के दौरान धर्मेंद्र सिंह भदौरिया ने स्वीकार किया कि बरामद की गई नकदी और आभूषणों पर उनका मालिकाना हक है। बताया जा रहा है कि ED ने भदौरिया से संपत्तियों के स्रोत और दस्तावेज भी मांगे (ED Action), लेकिन भदौरिया वैध तौर पर कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
बता दें कि धर्मेंद्र सिंह भदौरिया पर लोकायुक्त पुलिस इंदौर (ED) की यह कार्रवाई तब की गई जब लोकायुक्त पुलिस में भदौरिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया गया। जांच में सामने आया था कि भदौरिया ने 1987 से 31 अगस्त 2025 के बीच नौकरी के दौरान ही काफी संपत्ति बनाई है। भदौरिया पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने पद का दुरुपयोग कर यह संपत्ति बनाई (ED Action) है। फिलहाल ED इस पूरे मा्ले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि भ्रष्टाचार के इस जाल को पूरी तरह से उजागर किया जा सके।
उधर ED के भोपाल जोनल ऑफिस ने, मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग (PWD) के पूर्व इंजीनियर-इन-चीफ गोविंद प्रसाद मेहरा के खिलाफ PMLA, 2002 के तहत चल रही एक जांच में, उनकी लगभग 67.25 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर (ED Action) लिया गया है। यह मामला भी आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है।
ED की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। इधर ED ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भविष्य में भी एक्शन जारी रहेंगे।