
इंदौर के चौराहों पर लग रहा इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (Photo Source- Patrika)
Traffic Rules In Indore :मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर के 35 नए चौराहों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) लगाए जाएंगे। स्मार्ट सिटी कंपनी यह काम डीबीएफओटी यानी डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण मोड पर होगा। एजेंसी की तलाश के लिए टेंडर जारी कर दिए गए और 7 साल के लिए आइटीएमएस का ठेका दिया जाएगा।
इंदौर के बिगड़े ट्रैफिक सिस्टम को सुधारने की कोशिश जारी है। एक तरफ जहां फ्लाईओवर का निर्माण करने के साथ सड़क चौड़ीकरण और लेफ्ट टर्न को सुधारा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ चौराहों पर आइटीएमएस लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत अभी शहर के 50 चौराहों पर आईटीएमएस लगे हैं। स्मार्ट सिटी कंपनी ने यह लगाए हैं, जिनका खर्च करोड़ों रुपए में आया है। अपने इस खर्च को बचाने के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी अब नए 35 चौराहों पर डीबीएफओटी मोड पर आइटीएमएस लगवाने जा रही है। इसके लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं।
टेंडर इसी महीने जून में आने के साथ खुलेंगे, मगर इसके पहले 11 जून को प्री-बीड मीटिंग रखी गई है ताकि, एजेंसियों से चर्चा कर पहली ही बार में टेंडर डलवाए जाएं और उनके हिसाब से टेंडर शर्तों में परिवर्तन किया जा सके। गौरतलब है कि, आइटीएमएस एक स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें हाईरिजॉल्यूशन कैमरे, एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर ह्रश्वलेट रिकॉग्निशन ), सेंसर, कंट्रोल रूम और सॉफ्टवेयर की मदद से ट्रैफिक नियमों की निगरानी की जाती है।
डीबीएफओटी मोड पर 35 चौराहों पर आइटीएमएस लगाने पर आने वाला पूरा खर्च ठेकेदार एजेंसी उठाएगी। स्मार्ट सिटी कंपनी का एक रुपया नहीं लगेगा। इससे कंपनी का करोड़ों रुपया बच जाएगा।
सुबह-शाम अत्यधिक यातायात के दबाव वाले जिन 35 चौराहों पर सिस्टम लगना है उन्हें स्मार्ट सिटी कंपनी चिह्नित कर रही है। ट्रैफिक पुलिस की मदद ली जा रही है। टेंडर आने के पहले यह काम करने का अफसरों ने कहा है।
टेंडर आने के बाद मंजूर होने पर जिस किसी एजेंसी को आइटीएमएस लगाने का ठेका मिलेगा, उसे ट्रैफिक नियम तोडऩे पर बनने वाले चालान के जरिए वसूल की जाने वाली जुर्माने की राशि में से कुछ शेयर दिया जाएगा। बाकी का पैसा स्मार्ट सिटी कंपनी के माध्यम से सरकार के राजस्व कोष में जाएगा।
-शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर कैमरे लगाए जाते हैं।
-कैमरे वाहनों की गतिविधियों को 24 घंटे रिकॉर्ड करते हैं।
-एएनपीआर तकनीक वाहन का नंबर पढ़ती है।
-रेड लाइट जंप, ओवरस्पीड, बिना हेलमेट, सीट बेल्ट नहीं लगाने जैसे उल्लंघन स्वत: चिह्नित होते हैं।
-कंट्रोल रूम में सॉफ्टवेयर उल्लंघन की पुष्टि करता है।
-वाहन मालिक के नाम ई-चालान जारी किया जाता है।
-ट्रैफिक डेटा का उपयोग जाम प्रबंधन और यातायात सुधार के लिए किया जाता है।
स्मार्ट सिटी कंपनी इंदौर के सीईओ अर्थ जैन का कहना है कि, शहर के 35 नए चौराहों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लगाए जा रहे हैं। डीबीएफओटी मोड पर यह काम होगा। एजेंसी की तलाश के लिए टेंडर जारी हो गए हैं। इससे स्मार्ट सिटी कंपनी के करोड़ों रुपए बचेंगे, क्योंकि आइटीएमएस लगाने पर पूरा खर्च ठेकेदार एजेंसी उठाएगी। इसके लिए चौराहों को चिन्हित किया जा रहा है।
Published on:
02 Jun 2026 02:19 pm
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