
इंदौर. चुनाव के पहले भाजपा नगराध्यक्ष बदलने के साथ ही नई कार्यकारिणी का भी गठन हो गया, दूसरी ओर कांग्रेस अपनी शहर कार्यकारिणी को लेकर ही उलझी हुई है। शहर अध्यक्ष प्रमोद टंडन और कार्यवाहक अध्यक्ष विनय बाकलीवाल में समन्वय न होने से कार्यकारिणी घोषित नहीं हो पा रही। शनिवार को भोपाल में हुई बैठक में शामिल होने पहुंचे टंडन ने प्रदेश नेतृत्व को अपनी सूची सौंपते हुए जारी करने के लिए कहा। दूसरी ओर बाकलीवाल भी बीते सप्ताह करीब पांच बार भोपाल यात्रा कर चुके हैं।
उन्होंने भी अपनी सूची प्रदेश अध्यक्ष सहित उपाध्यक्ष व संगठन चंद्रप्रभाष शेखर को भी सौंप दी। दोनों सूची में अलग-अलग नाम होने से बड़े नेता भी परेशान हैं। हालांकि बताया जा रहा है, पार्टी के बड़े नेता टंडन-बाकलीवाल का समन्वय कर ही नई कार्यकारिणी बनाना चाहते हैं, इसलिए दोनों से चर्चा जारी है। प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा के मुताबिक, शहर कांग्रेस की नई सूची जल्द जारी कर दी जाएगी।
भाजपा ने पकड़ा मैदान
दूसरी ओर शुक्रवार को नए अध्यक्ष और कार्यकारिणी के गठन के साथ ही भाजपा की नगर इकाई ने काम संभाल लिया। शनिवार रात सभी नए पदाधिकारियों के बीच कार्य विभाजन के साथ ही उन्हें जिम्मेदारियां और लक्ष्य भी बताए।
कार्यकारिणी बनने के दो घंटे में ही पहला इस्तीफा
कांग्रेस व्यापारिक औद्योगिक प्रकोष्ठ के नए अध्यक्ष शैलेष गर्ग द्वारा अपनी नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई। कार्यकारिणी घोषित होने के दो घंटे के भीतर ही पहला इस्तीफा भी हो गया। प्रकोष्ठ की नई कार्यकारिणी में 7 उपाध्यक्ष, 7 महासचिव, 17 सचिव, 1 कोषाध्यक्ष सहित 22 सदस्य बनाए गए। सचिव बनाए गए सज्जनसिंह वर्मा गुट के मधुसूदन भलिका ने सूची जारी होने के दो घंटे के भीतर ही प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र नाहटा सहित शहर अध्यक्ष गर्ग को इस्तीफा भेज दिया। इसमें कार्य में व्यस्तता का हवाला दिया। दूसरी ओर बताया जा रहा है, भलिका मप्र उद्योगपति एसोसिएशन के कार्यसमिति सदस्य रह चुके हैं। वैश्य समाज की विभिन्न संस्थाओं में पदाधिकारी भी हैं। ऐसे में शहर कार्यकारिणी और उसमें भी सचिव पद देने से खासे नाराज थे।