
इंदौर. अमरीका में सोयाबीन का उत्पादन अनुमान 1129 लाख टन से घटाकर 1046 लाख टन लगाया गया है। अर्जेंटीना में 530 और ब्राजील में 1230 लाख टन के अनुमान में कोई परिवर्तन नहीं किया है। विश्व में सोयाबीन का उत्पादन 3553 लाख टन की बजाए 3470 लाख टन अर्थात 83 लाख टन कम होने की अनुमान है। यूएसडीए की रिपोर्ट के अनुसार अमरीका में अगले हफ्ते गर्म मौसम रहने के अनुमान के कारण सोया की फसल को नुक्सान हो सकते है। जिसके चलते सीबॉट सोयाबीन तेजी के साथ बंद हुआ। जून महीने में चीन की सोयाबीन के इम्पोर्ट में पिछले साल के मुक़ाबले 25 प्रतिशत की गिरावट के कारण अगस्त और सितम्बर में डिमांड पर चिंता होने के कारण सोयाबीन में तेजी टेम्पररी लग रही है। अमरीकी सोयाबीन (एफओबी)अगस्त डिलीवरी के लिए 6 डॉलर बढ़कर 358.25 डॉलर प्रति टन हो गए, जबकि नई फसल नवंबर डिलीवरी के भाव 5.5 डॉलर बढ़कर 361.25 प्रति टन हो गया। सोयाबीन में मजबूतीए केएलसी में रिकवरी और सनफ्लॉवर आयल में तेजी के कारण सीबॉट सोया आयल भी तेजी के साथ बंद हुआ। मिलेजुले फंडामेंटल के कारण भारतीय बाज़ारों में सोयाबीन की दिशा साफ नहीं है।
मध्यप्रदेश में बुवाई 21 प्रतिशत कम
भारत में मानसून में देरी के कारण सोयाबीन की बुवाई पिछले साल के 64.08 लाख हैक्टयर से 19 प्रतिशत पिछड़कर 51.93 लाख हैक्टयर में पूरी हुई है। मध्य प्रदेश में बुवाई 21 प्रतिशत फिसलकर 27.49 लाख हैक्टयर में जबकि पिछले साल इसी समय बुवाई 34.70 लाख हैक्टयर में पूरी हुई थी। महाराष्ट्र में बुवाई 23 प्रतिशत कम होकर 12.32 लाख हैक्टयर में हुई, पिछले साल 16.00 लाख हैक्टयर में हुई थी। राजस्थान में बुवाई 9.2 प्रतिशत बढ़कर 8.11 लाख हैक्टयर में पूरी हो चुकी है, जबकि पिछले साल इसी समय बुवाई 7.43 लाख हैक्टयर में हुई थी।
खाद्य एवं अखाद्य तेलों आयात हुआ ज्यादा
केंद्र सरकार खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता कम करने की बात करती है जबकि इनका आयात लगातार बढ़ रहा है। खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात जून में 6 फीसदी बढ़ा है, जबकि चालू तेल वर्ष 2018.19 (नवंबर से अक्टूबर) के पहले आठ महीनों नवंबर.18 से जून.19 के दौरान इनके आयात में दो फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। आयात ज्यादा होने से उत्पादक मंडियों में सरसों 3800 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है जबकि सरकार ने समर्थन मूल्य 4200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक डॉ बीवी मेहता ने बताया कि विश्व बाजार में पिछले सालभर में पॉम तेल में 14 से 21 फीसदी की जबकि साफ्ट तेलों की कीमतों में 3 से 5 फीसदी की गिरावट आई है। इसीलिए पॉम तेल का आयात ज्यादा मात्रा में हुआ है। जून में खाद्य एवं अखाद्य तेलों का आयात बढ़कर 1105293 लाख टन का हुआ है, जबकि पिछले साल जून में इनका आयात 1042003 टन का ही हुआ था। इस दौरान खाद्य तेलों का आयात बढ़कर 1071279 टन का हुआ है जबकि पिछले साल जून में खाद्य तेलों का आयात 1007563 टन का हुआ था।