MP News: अगले 5 साल में ही यात्री संख्या लगभग दोगुनी होने की संभावना है। ऐसे में मौजूदा टर्मिनल, रनवे और कार्गो सुविधाएं इस दबाव को संभालने में सक्षम नहीं रहेंगी।
MP News: मध्यप्रदेश में औद्योगिक राजधानी इंदौर का एयरपोर्ट अब अपनी क्षमता की सीमा पर पहुंच चुका है। भारतीय प्रबंधन संस्थान आइआइएम इंदौर की हालिया सर्वे रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अगर समय रहते विस्तार नहीं किया गया तो शहर की आर्थिक रफ्तार पर ब्रेक लग सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक अगले 10 वर्षों में इंदौर एयरपोर्ट से यात्रियों की संख्या एक करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है, जबकि मौजूदा ढांचा पहले ही सैचुरेशन पॉइंट पर है। सांसद शंकर लालवानी के पत्र के आधार पर यह सर्वे किया गया। रिपोर्ट बताती है कि देश के अन्य एयरपोर्ट पर जहां यात्री वृद्धि दर 7-8 प्रतिशत के आसपास है, वहीं इंदौर में यह करीब 14 फीसदी है।
यानी अगले 5 साल में ही यात्री संख्या लगभग दोगुनी होने की संभावना है। ऐसे में मौजूदा टर्मिनल, रनवे और कार्गो सुविधाएं इस दबाव को संभालने में सक्षम नहीं रहेंगी। कुल मिलाकर इंदौर के बढ़ते कद के साथ एयरपोर्ट का विस्तार अब अनिवार्य हो गया है वरना विकास की उड़ान आधी रह सकती है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि फार्मास्युटिकल्स और मेन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी से बढ़ते इंदौर के लिए एयर कार्गो की सीमित क्षमता बड़ी बाधा बन सकती है। पर्याप्त कोल्ड-चेन और कार्गो इंफ्रास्टक्चर नहीं होने से निर्यात- उन्मुख उद्योगों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सीमित संख्या भी वैश्विक कनेक्टिविटी में रुकावट है।
मध्य प्रदेश सरकार ने 2028-29 तक राज्य के जीएसडीपी को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट का विस्तार न होने पर यह लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। एयरपोर्ट को क्षेत्रीय आर्थिक विकास की रीढ़ बताते हुए इसे तुरंत अपग्रेड करने की जरूरत बताई गई है। आइआइएम इंदौर के डायरेक्टर हिमांशु राय के अनुसार एयरपोर्ट का विस्तार अब विकल्प नहीं, आवश्यकता बन चुका है। इसके बिना इंदौर का विकास ठहर सकता है।