
Indore Fake Currency Printing: मध्यप्रदेशके इंदौर में घर में छापकर नकली नोट बाजार में खपाए जा रहे थे। 200 रुपए का एक नकली नोट चलाने की कोशिश में जब एक युवक पकड़ाया तो नकली नोटों के इस खेल का पूरा राजफाश हो गया। पुलिस ने नकली नोट की फैक्ट्री पर छापा मारा और वहां से एक आरोपी को गिरफ्तार करते हुए उसके पास से 44 हजार रुपये के नकली नोट जब्त किए हैं। आरोपी घर में प्रिंटिंग मशीन के जरिए नोट छाप रहा था और उन्हें बाजार में खपाने के लिए देता था।
इंदौर शहर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक रेस्टोरेंट में एक युवक 25 जून को चाय-नाश्ता करने के लिए पहुंचा था। युवक ने चाय-नाश्ता किया और बिल पेमेंट करते वक्त 200 रुपये का नोट रेस्टोरेंट संचालक यशवंत यादव को दिया। यशवंत यादव ने नोट को देखा तो उन्हें शक हुआ कि नोट नकली है। संचालक ने तुरंत होटल के कर्मचारी को बुलाकर नकली नोट देने वाले युवक को पकड़ने के लिए कहा पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक की तलाशी ली तो उसके पास 4 हजार रुपये के और नकली नोट मिले। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका नाम दीपक पटेल है और वह अटाखेड़ा, देपालपुर का रहने वाला है। इसके साथ ही आरोपी युवक ने बताया कि उसे ये नोट सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाले संजय वैष्णव ने दिए थे।
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आरोपी से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सिंगापुर टाउनशिप में रह रहे संजय वैष्णव के घर पर छापा मारा तो पुलिस भी हैरान रह गई। संजय वैष्णव अपने घर में नहीं नकली नोटों की फैक्ट्री चला रहा था, वो घर में ही प्रिंटिंग मशीन की मदद से नकली नोट छापता था। पुलिस ने आरोपी संजय वैष्णव के पास से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल की जा रही प्रिंटिंग मशीन जब्त की है। पुलिस ने संजय वैष्णव के साथ उसके एक साथी रवि को भी गिरफ्तार किया है। इस तरह से अभी तक नकली नोटों के साथ कुल तीन आरोपियों सबसे पहले दीपक और फिर संजय व रवि को गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी संजय वैष्णव पहले भी नकली नोटों के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। उसे खंडवा एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था और उसे जेल भी हुई थी। जेल से जमानत पर छूटने के बाद संजय वैष्णव ने फिर से नकली नोटों का कारोबार शुरू कर दिया। पुलिस आरोपी संजय वैष्णव से पूछताछ करने में जुटी हुई है और ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वो अब तक कितने नकली नोट छाप चुका है। इसके साथ ही ये भी पता लगाया जा रहा है कि वो कहां-कहां पर नकली नोट सप्लाई करता था। इसके अलावा उसके नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।