
imambara dispute high court order, इमामबाड़ा विवाद पर हाईकोर्ट से मुस्लिम समाज को मिली राहत (source-patrika)
Dhar Imambara Dispute: मध्यप्रदेश के धार शहर के बहुचर्चित इमामबाड़ा विवाद में मुस्लिम समाज को बड़ी राहत मिली है। उच्च इंदौर हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए ताजिया कमेटी को 25 जून से 1 जुलाई तक इमामबाड़ा भवन के धार्मिक उपयोग की अनुमति प्रदान की है। कोर्ट के निर्देश पर प्रशासन एक दिन के भीतर भवन की चाबी समिति को सौंपेगा, जबकि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद 1 जुलाई को समिति को भवन पुन: प्रशासन के सुपुर्द करना होगा। फैसले के बाद मुस्लिम समाज में संतोष का माहौल है। दरअसल, मुस्लिम समाज ने स्पष्ट किया था कि यदि न्यायालय से राहत नहीं मिली तो इस वर्ष ताजियों का पारंपरिक जुलूस नहीं निकाला जाएगा। ऐसे में सदियों पुरानी परंपरा के प्रभावित होने की आशंका से शहर का माहौल संवेदनशील बना हुआ था। कोर्ट के आदेश के बाद अब मोहर्रम की धार्मिक गतिविधियां पूर्ववत संचालित हो सकेंगी।
इमामबाड़ा में ताजिया निर्माण और धार्मिक गतिविधियों की अनुमति संबंधी याचिका पर उच्च न्यायालय इंदौर की डबल बेंच ने सुनवाई की। न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर एवं जयकुमार पिल्लई की खंडपीठ ने संबंधित प्राधिकारी एवं एसडीओ को निर्देश दिए कि इमामबाड़े की चाबी याचिकाकर्ता एवं ताजिया कमेटी पदाधिकारी मोहम्मद सिद्दीक को सौंप दी जाए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह अनुमति केवल अंतरिम अवधि के लिए है और संपत्ति का उपयोग धार्मिक कार्यों तक सीमित रहेगा।
याचिकाकर्ता मोहम्मद सिद्दीक की ओर से अधिवक्ता नूर अहमद शेख और अशर अली वारसी ने पक्ष रखा। उन्होंने न्यायालय को बताया कि सिद्दीक सरकारी ताजिया समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी हैं तथा पूर्व में आयुक्त इंदौर द्वारा पारित यथास्थिति आदेश के आधार पर पिछले वर्ष भी ताजिया निर्माण की अनुमति दी गई थी। समिति ने न्यायालय को यह आश्वासन भी दिया कि 1 जुलाई को भवन प्रशासन को विधिवत वापस सौंप दिया जाएगा।
कोर्ट का आदेश जारी होने के बाद गुरुवार रात प्रशासन ने इमामबाड़े की चाबी ताजिया कमेटी के सदर सिद्दीक कल्लू भाई को सौंप दी। इसके बाद शहर में अखाड़ों और ताजियों का पारंपरिक जुलूस निकाला गया। रातभर "या हुसैन… या हुसैन" के नारों से माहौल गूंजता रहा। बड़ी संख्या में समाजजन जुलूस में शामिल हुए। समुदाय के झंडे लहराए गए, वहीं अखाड़ों के पहलवानों ने पारंपरिक करतब और कला प्रदर्शन भी किए। मोहर्रम के दस दिवसीय पर्व का समापन शुक्रवार को होगा। शहर के ताजिए जुलूस के रूप में मुंज सागर तालाब स्थित कर्बला पहुंचेंगे, जहां परंपरा अनुसार उनका विसर्जन किया जाएगा।
उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने भी राहत महसूस की है। संभावित तनाव की स्थिति पर काफी हद तक विराम लग गया है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। जुलूस और ताजिया चल समारोह के दौरान शांति एवं सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य से जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 10 थाना प्रभारी, डीएसपी रैंक के अधिकारी, एसएएफ की एक टुकड़ी तथा करीब 400 पुलिसकर्मियों को शहर में तैनात किया गया है।
Updated on:
25 Jun 2026 10:15 pm
Published on:
25 Jun 2026 09:54 pm
