खनिज विभाग के मुखबिरों की हरकत से बच रहे थे खनिज माफिया, एसडीएम और तहसीलदार की टीम जाती है मौके पर, कैलोद कर्ताल में कार्रवाई : तीन पोकलेन व तीन डंपर जब्l
इंदौर। अवैध उत्खनन का इंदौर जिला अड़्डा बना हुआ है। खनिज माफियाओं को नेटवर्क इतना तेज है कि शिकायत के बाद खनिज विभाग से मुखबिरी हो जाती थी। कार्रवाई से पहले ही वे मौके से गायब हो जाते है। कलेक्टर ने अब कार्रवाई का पार्टन बदल दिया जिसमें मौके पर एसडीएम व तहसीलदार की टीम को भेजा जा रहा है। उससे अब 'जेल' में सुरंग नहीं रही।
खनिज माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है उसके बावजूद वे अवैध उत्खनन करने से बाज नहीं आ रहे है। मंगलवार को बिचौली हप्सी एसडीएम कल्याणी पांडे ने कैलाद कर्ताल में छापामार कार्रवाई की। जहां सर्वे नंबर 272 व 282 की सरकारी जमीन पर अवैध उत्खनन चल रहा था। मौके पर तीन पोकलेन व तीन डंपर को जब्त किया गया। ये उत्खनन संजू जाट नामक शख्स कर रहा था। कार्रवाई के दौरान कलाकारों ने खनिज विभाग की अनुमति भी बताई जो सर्वे नंबर 283 की जमीन को समतल करने की थी। एसडीएम पांडे ने बाद में खनिज विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सहायक खनिज अधिकारी जयदीप नामदेव ने जब्ती कर अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया।
गौरतलब है कि अवैध उत्खनन की कार्रवाई का पेटर्न बदल गया है। शिकायत मिलने पर पहले खनिज विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए जाते थे लेकिन जब तक टीम पहुंचती थी मौके से पोकलेन व डंपर गायब हो जाते थे। जेल में सुरंग होने की वजह से माफिया बच रहे थे जिसकी भनक कलेक्टर आशीष सिंह को भी लगी। उनके निर्देश पर अपर कलेक्टर गौरव बैनल ने कार्रवाई का नया तरीका इजाद किया। शिकायत मिलने पर क्षेत्रीय एसडीएम को कार्रवाई करने भेज रहे है। मौके पर जब्ती के बाद खनिज विभाग को प्रकरण दर्ज करने के लिए बुलाया जाता है। कैलोद कर्ताल से पहले माचला में भी राऊ एसडीओ विनोद राठौर ने ऐसी ही कार्रवाई की थी।
संजू जाट की निकली पोकलेन
एसडीएम पांडे ने बताया कि कैलोद कर्ता में अवैध उत्खनन करने वाली पोकलेन संजू जाट नामक शख्स की की है जिसे जब्त किया गया। चौकाने वाली बात ये है कि माचला में हुई कार्रवाई में भी जाट की पोकलेन जब्त हुई थी। प्रशासन को हुई शिकायत में जाट के कई जगह पर अवैध उत्खनन चल रहे है। इस खेल में उसका साथ खनिज विभाग के एक बड़े अफसर का जितेंद्र व अरविंद नामक रिश्तेदार भी पार्टनर है।
सालभर से चल रहा था अवैध उत्खनन
कैलोद कर्ताल में जहां कार्रवाई हुई वहां पर सालभर से अवैध उत्खनन चल रहा है। खनिज विभाग ने बकायदा समतल करने की अनुमति दी थी जिसे बाद में रिन्युअल भी किया गया। मिली भगत के चलते विभाग ने ये नहीं देखा कि खुदाई कहां पर हो रही है। खेत को समतल किया जा रहा है या अवैध उत्खनन हो रहा है।
पत्रिका की रंग लाई मुहिम
अवैध उत्खनन को लेकर पत्रिका की मुहिम रंग ला रही है। बारोली, पंचडेरिया, रिंगनोदिया पर हुई बड़ी कार्रवाई के बाद अब आम जनता भी जागरूक हो गई है। वह अपने आसपास होने वाले अवैध उत्खनन की शिकायत नाम उजागर ना होने की शर्त पर कर रही है।
कैलोद कर्ताल में सरकारी जमीन पर अवैध उत्खनन की शिकायत मिली थी जिस पर एसडीएम बिचौली हप्सी ने कार्रवाई की। मौके से तीन पोकलेन व तीन डंपर को जब्त किया गया।
गौरव बैनल, प्रभारी खनिज अधिकारी व अपर कलेक्टर